अबुआ खबर डेस्क
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी मुकाबला बेहद रोचक होता जा रहा है। राज्य में मुख्य मुकाबला Bharatiya Janata Party और तृणमूल कांग्रेस के बीच माना जा रहा है, जहां दोनों दलों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है।
विभिन्न विश्लेषणों और वैश्विक स्तर पर उपयोग किए जाने वाले प्रेडिक्शन डेटा के अनुसार, इस बार चुनावी मुकाबला बेहद करीबी रहने के संकेत मिल रहे हैं। अभी तक किसी भी दल को स्पष्ट बढ़त मिलती नहीं दिख रही है, जिससे चुनाव परिणाम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
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बताया जा रहा है कि चुनाव से जुड़े आंकड़ों और रुझानों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इससे साफ है कि मतदाताओं का रुझान अंतिम समय तक बदल सकता है। इस वजह से राजनीतिक दलों ने भी अपने प्रचार अभियान को और तेज कर दिया है।
पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है, जिसमें राज्य की 152 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। यह चरण 16 जिलों को कवर करेगा और सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान की प्रक्रिया चलेगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस चरण का असर पूरे चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है। एक ओर जहां Mamata Banerjee के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रही है, वहीं बीजेपी राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 इस बार बेहद दिलचस्प मोड़ पर है, जहां हर वोट अहम साबित हो सकता है और नतीजे तक किसी भी दल की स्पष्ट बढ़त तय नहीं मानी जा रही है।