अबुआ खबर डेस्क
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होने जा रहा है, जिसमें राज्य की 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। यह चरण चुनावी दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें राज्य के कई प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, राज्य में मतदान दो चरणों में कराया जाएगा। पहला चरण 23 अप्रैल को और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। पहले चरण में 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है।
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इन सीटों में उत्तर बंगाल से लेकर दक्षिण बंगाल तक के कई महत्वपूर्ण इलाके शामिल हैं, जिनमें सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग, कूचबिहार, रायगंज, बालुरघाट, मालदा, मुर्शिदाबाद, आसनसोल, बांकुड़ा और बहारामपुर जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं।
राजनीतिक तौर पर इस चुनाव को काफी अहम माना जा रहा है। मुकाबला मुख्य रूप से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच देखा जा रहा है। एक ओर जहां Mamata Banerjee के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर Bharatiya Janata Party राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि पहले चरण का मतदान चुनाव के रुख को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है। ऐसे में सभी प्रमुख दलों ने इस चरण को लेकर पूरी रणनीति तैयार कर ली है और चुनावी मैदान में जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है।