नई दिल्ली | अबुआ खबर” ब्यूरो रिपोर्ट
कोलकाता के प्रतिष्ठित लॉ कॉलेज में 24 वर्षीय छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर मामले में सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत ने मामले की निष्पक्ष और राजनीतिक प्रभाव से मुक्त सीबीआई जांच की मांग की है। याचिका में न्यायालय से कोर्ट की निगरानी में समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
याचिका में की गई मुख्य मांगें:
- सीबीआई जांच कोर्ट की निगरानी में हो:
याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्य स्तर पर जांच में राजनीतिक हस्तक्षेप की आशंका है, जिससे निष्पक्ष जांच बाधित हो सकती है। इसीलिए इस प्रकरण की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपी जाए। - पीड़िता और परिवार को सुरक्षा:
याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से पीड़िता, उसके परिवार, गवाहों और कानूनी प्रतिनिधियों को सुरक्षा मुहैया कराने की भी अपील की है, जिससे वे बिना डर के न्यायिक प्रक्रिया में भाग ले सकें। - शैक्षणिक संस्थानों में महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग:
देशभर के शैक्षणिक परिसरों में महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए याचिका में सुप्रीम कोर्ट से निर्देश मांगा गया है कि- कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अनिवार्य CCTV कैमरे लगाए जाएं,
- महिला सुरक्षा प्रकोष्ठ (Women Safety Cells) की स्थापना की जाए,
- और नियमित सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य किया जाए।
- अंतरिम मुआवज़े की मांग:
याचिका में पीड़िता के इलाज, पुनर्वास और कानूनी सहायता के लिए 50 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा दिए जाने की मांग भी की गई है।
क्यों ज़रूरी है सुप्रीम कोर्ट की निगरानी?
अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के अनुसार, यह मामला न केवल एक छात्रा के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े करता है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि इस तरह की घटनाओं पर सख्त और समयबद्ध कार्रवाई नहीं की गई, तो छात्राओं में भय का माहौल और गहराएगा।