रांची: झारखंड में चुनावी सरगर्मी के बीच मतदाता सूची को लेकर राजनीति तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने स्पष्ट किया है कि राज्य में किसी भी हाल में वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटने नहीं दिए जाएंगे। पार्टी के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए केंद्र और चुनावी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए।
बंगाल का हवाला देकर जताई चिंता
झामुमो नेता ने पश्चिम बंगाल के हालिया घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि वहां बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसी स्थिति झारखंड में न बने, इसके लिए पार्टी पूरी सतर्कता बरत रही है।
Read More : रांची में GST अपीलीय ट्रिब्यूनल की शुरुआत, व्यापारियों को बड़ी राहत
उन्होंने कहा कि झामुमो हर स्तर पर नजर रखेगी ताकि किसी भी मतदाता को अधिकारों से वंचित न होना पड़े और किसी तरह की गड़बड़ी को समय रहते रोका जा सके।
चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान सुप्रियो भट्टाचार्य ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि घरों और परिवारों से जुड़ी जानकारी एकत्र करना मूल रूप से जनगणना से संबंधित कार्य है, जिसे अलग एजेंसी द्वारा किया जाता है। ऐसे में चुनावी प्रक्रिया के दौरान इस तरह की गतिविधियों पर संदेह पैदा होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और निष्पक्षता सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए किसी भी तरह की प्रक्रिया पर स्पष्टता होना जरूरी है।
“न फर्जी वोटर, न नाम कटने देंगे”
झामुमो ने दो टूक कहा कि राज्य में न तो फर्जी नाम जोड़े जाने दिए जाएंगे और न ही किसी पात्र मतदाता का नाम हटने दिया जाएगा। पार्टी ने दावा किया कि वह जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।
झामुमो के इस रुख से साफ है कि आने वाले चुनावों में मतदाता सूची का मुद्दा राजनीतिक बहस का अहम केंद्र बनने वाला है।