जमशेदपुर। अंतरराष्ट्रीय अपराधी मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा को रामगढ़ जेल से जमशेदपुर सेंट्रल जेल स्थानांतरित किया गया है। राज्य सरकार ने सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया है। बताया जा रहा है कि मयंक सिंह को आज ही जेल शिफ्ट किया गया।
मयंक सिंह अगस्त 2025 में अज़रबैजान से प्रत्यर्पित होकर रांची लाया गया था। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था, और उसे 2024 में अज़रबैजान में गिरफ्तार किया गया। रांची लाने के बाद उसे रामगढ़ जेल में रखा गया था।
पुलिस पूछताछ में मयंक सिंह ने कबूला:
मयंक सिंह ने एटीएस से पूछताछ के दौरान बताया कि वह अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई और गोल्डी बरार के लिए काम करता था। उसकी लॉरेंस के साथ दोस्ती कॉलेज के दिनों में हुई थी। झारखंड में रहते हुए उसने कई अपराधों को अंजाम दिया और देश भर में उस पर 50 से अधिक मामले दर्ज हैं।
मयंक सिंह ने यह भी स्वीकार किया कि वह पाकिस्तान से हथियार लाकर अपने सहयोगी अमन साहू को देता था। उसके नेटवर्क में पंजाब, राजस्थान और झारखंड शामिल थे। इसमें लॉरेंस विश्नोई और गोल्डी बरार के साथी भी शामिल थे।
सुरक्षा कारणों और यह सुनिश्चित करने के लिए कि जेल के अंदर मयंक सिंह अपना नेटवर्क न बना पाए, उसे जमशेदपुर सेंट्रल जेल ट्रांसफर किया गया। यह कदम झारखंड पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है। इसी प्रकार, हाल ही में गैंगस्टर सुजीत सिन्हा को पलामू जेल से साहिबगंज जेल शिफ्ट किया गया था।
झारखंड में जेल से अपराधियों के नेटवर्क चलाने की घटनाएँ आम हैं। मयंक सिंह के शिफ्ट होने से संभावित बड़ी घटनाओं को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है। फिलहाल, अमन साहू का गैंग सक्रिय है और हाल ही में रांची में उसकी मुठभेड़ में दो अपराधी गिरफ्तार किए गए।
🔹 मुख्य बातें:
अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर मयंक सिंह को रामगढ़ जेल से जमशेदपुर सेंट्रल जेल ट्रांसफर किया गया
मयंक सिंह ने लॉरेंस विश्नोई और गोल्डी बरार के लिए काम किया
झारखंड में जेल से अपराधियों के नेटवर्क चलाने की घटनाएँ लगातार होती रही हैं
शिफ्टिंग का उद्देश्य जेल के भीतर नेटवर्क निर्माण रोकना
अमन साहू का गैंग सक्रिय, हाल ही में दो अपराधी रांची में गिरफ्तार