रांची।
राज्य औषधि नियंत्रण निदेशालय की ओर से की गई विस्तृत जांच में प्रतिबंधित श्रेणी में आने वाले New Phensedryl Cough Syrup (100 ml) की अवैध खरीद-बिक्री का बड़ा मामला सामने आया है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इस कफ सिरप की सप्लाई न सिर्फ झारखंड के विभिन्न जिलों में की जा रही थी, बल्कि इसका नेटवर्क उत्तर प्रदेश और हरियाणा तक फैला हुआ था।
गलत जानकारी देकर छिपाया गया अवैध कारोबार
विभागीय जांच में पाया गया कि NDPS Act के अंतर्गत आने वाली इस दवा की बिक्री से संबंधित जानकारियां जानबूझकर भ्रामक तरीके से प्रस्तुत की गईं। क्रय-विक्रय से जुड़े दस्तावेजों में हेराफेरी कर प्रतिबंधित दवा के कारोबार को छिपाने का प्रयास किया गया।
28 दवा प्रतिष्ठानों और एक थोक व्यापारी के खिलाफ FIR
औषधि निरीक्षक अर्चना खलको द्वारा तुपुदाना स्थित मेसर्स शैली ट्रेडर्स से जुड़े संचालक भोला प्रसाद सहित कुल 28 दवा दुकानों के संचालकों के खिलाफ धुर्वा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। विभाग का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड वास्तविक स्थिति को दर्शाने वाले नहीं थे।
हरियाणा से हुई लाखों बोतलों की खरीद
प्राथमिकी के अनुसार, हरियाणा के पंचकूला में स्थित एबॉट हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से अक्टूबर 2023 से दिसंबर 2024 के बीच इस कफ सिरप की भारी मात्रा में खरीद की गई थी। इसके बाद इसे झारखंड के थोक विक्रेताओं के माध्यम से अन्य राज्यों में भी भेजा गया।
झारखंड और यूपी के कई प्रतिष्ठान जांच के घेरे में
जांच में झारखंड के लगभग आठ और उत्तर प्रदेश के करीब 100 दवा प्रतिष्ठानों के नाम सामने आए हैं, जिन्होंने इस कफ सिरप की खरीद की थी। यह जानकारी शैली ट्रेडर्स के अकाउंट्स, बिल और सप्लाई रिकॉर्ड की जांच के दौरान उजागर हुई।
नामकुम स्थित राज्य औषधि नियंत्रण निदेशालय की विशेष टीम ने सभी बिलों और दस्तावेजों की गहन जांच की है। वहीं, पूरे नेटवर्क की पड़ताल के लिए सात नवंबर को उत्तर प्रदेश सरकार को भी आधिकारिक पत्र भेजा गया है।
जांच की भनक लगते ही दुकानें बंद कर फरार
जैसे ही जांच की जानकारी सामने आई, कई दवा दुकानों के संचालक अपने प्रतिष्ठान बंद कर फरार हो गए। निरीक्षण के दौरान कुल 26 दुकानें बंद पाई गईं और किसी भी संचालक ने क्रय-विक्रय से संबंधित कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया।
NDPS Act के तहत सख्त कार्रवाई की सिफारिश
विभाग ने इस पूरे मामले को गंभीर उल्लंघन मानते हुए NDPS Act की धारा 26(डी) समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की है। प्राथमिकी में बोकारो, धनबाद, पलामू, साहिबगंज और रांची के कई दवा प्रतिष्ठानों का उल्लेख किया गया है, जहां इस प्रतिबंधित कफ सिरप की सप्लाई होने की पुष्टि हुई है।
पहले भी दर्ज हो चुका है मामला
गौरतलब है कि इससे पहले भी शैली ट्रेडर्स के संचालक भोला प्रसाद के खिलाफ गलत तरीके से औषधि लाइसेंस हासिल करने के आरोप में धुर्वा थाना में केस दर्ज किया जा चुका है।