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झारखंड में बिजली महंगी, 6.12% दर वृद्धि लागू; मीटर रेंट खत्म, उपभोक्ताओं को राहत भी

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रांची। संवाददाता

झारखंड में बिजली उपभोक्ताओं के लिए नया टैरिफ लागू कर दिया गया है, जिसके तहत बिजली दरों में औसतन 6.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। यह नया आदेश झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है। हालांकि दरों में वृद्धि के साथ कुछ राहत भरे फैसले भी लिए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ सीमित रखने की कोशिश की गई है।

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नए टैरिफ के अनुसार शहरी क्षेत्रों में प्रति यूनिट करीब 55 पैसे और ग्रामीण इलाकों में लगभग 50 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। अलग-अलग श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए यह वृद्धि 50 पैसे से लेकर 80 पैसे प्रति यूनिट तक रखी गई है। हालांकि किसानों को राहत देते हुए कृषि श्रेणी में किसी प्रकार की दर वृद्धि नहीं की गई है।

इस टैरिफ आदेश की सबसे बड़ी राहत यह है कि अब किसी भी उपभोक्ता से मीटर किराया (मीटर रेंट) नहीं लिया जाएगा। इससे मासिक बिजली बिल में थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा, जो उपभोक्ता समय पर यानी निर्धारित अवधि के भीतर बिल का भुगतान करेंगे, उन्हें 2 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रावधान भी किया गया है।

बिजली दरों में यह बढ़ोतरी पहले प्रस्तावित वृद्धि की तुलना में काफी कम है। बिजली वितरण कंपनी ने जहां दरों में भारी वृद्धि का प्रस्ताव दिया था, वहीं नियामक आयोग ने इसे घटाकर सीमित स्तर पर मंजूरी दी है, जिसे उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।

आयोग ने बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए वितरण हानि (लाइन लॉस) को नियंत्रित करने पर भी जोर दिया है और इसे तय सीमा में रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बिजली बिल को सरल बनाने, उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने और शिकायतों की सुनवाई ऑनलाइन माध्यम से करने जैसे कदम उठाने को कहा गया है।

इसके अलावा, राज्य में ग्रीन एनर्जी और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के लिए अलग दरें तय की गई हैं, वहीं सोलर ऊर्जा को अपनाने वाले उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए नई नीति लागू की गई है।

प्रीपेड मीटर को बढ़ावा देने के लिए भी आकर्षक योजना लाई गई है। जो उपभोक्ता प्रीपेड मीटर अपनाएंगे, उन्हें बिजली शुल्क में छूट दी जाएगी और उनकी जमा सुरक्षा राशि भी निर्धारित समय में वापस कर दी जाएगी।

कुल मिलाकर, सीमित दर वृद्धि, मीटर रेंट समाप्ति और विभिन्न रियायतों के साथ यह नया टैरिफ आदेश संतुलित नजर आ रहा है, जिसमें उपभोक्ताओं और बिजली कंपनी दोनों के हितों को ध्यान में रखने की कोशिश की गई है।