अबुआ खबर डेस्क, रांची।
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड से जुड़े एक श्रमिक की आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में मौत के बाद राज्य सरकार हरकत में आ गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द झारखंड लाने का निर्देश दिया है।
क्या है पूरा मामला
बहरागोड़ा प्रखंड के सांद्रा पंचायत निवासी गोविंद मुंडा रोज़गार की तलाश में विशाखापट्टनम गए थे। वहीं सोमवार सुबह करीब 9 से 9:30 बजे के बीच उनकी अचानक मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
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सोशल मीडिया के जरिए पहुंची बात
पूर्व विधायक कुणाल षडंगी ने इस मामले को सोशल मीडिया के माध्यम से उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि पीड़ित परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और पार्थिव शरीर को घर लाने में असमर्थ है, इसलिए सरकार तुरंत मदद करे।
मुख्यमंत्री का त्वरित एक्शन
मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के माइग्रेंट सेल को निर्देश दिया कि वह विशाखापट्टनम प्रशासन से समन्वय स्थापित कर शव को जल्द से जल्द झारखंड लाने की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
सम्मानजनक अंतिम संस्कार की तैयारी
सरकार की पहल के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि गोविंद मुंडा का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा।