बहरागोड़ा | अबुआ खबर डेस्क
घाटशिला उपचुनाव में झामुमो की बड़ी जीत के बाद पूर्वी सिंहभूम की राजनीति में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। इस उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार सोमेश चन्द्र सोरेन को ऐतिहासिक जीत दिलाने में बहरागोड़ा विधायक समीर कुमार मोहंती की सक्रिय भूमिका साफ तौर पर नजर आई।
दिवंगत मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर नए उम्मीदवार को जीत दिलाने की चुनौती थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परिणाम को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पास के विधायक समीर मोहंती को दी, जिसके बाद उन्होंने चुनावी रणनीति, कार्यकर्ताओं के संचालन और स्थानीय समन्वय के जरिए चुनाव को झामुमो के पक्ष में मोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उपचुनाव के दौरान सामान्य वर्ग के मतदाताओं का झुकाव भी झामुमो के पक्ष में देखने को मिला, जिसका श्रेय राजनीतिक जानकार समीर मोहंती की क्षेत्रीय पकड़ और जनता के साथ मजबूत रिश्तों को देते हैं। सीमावर्ती समाजिक समीकरणों को साधने में भी उनका प्रभावी योगदान सामने आया।
मंत्री पद की चर्चा—अनुभव और क्षेत्रीय संतुलन में समीर सबसे मजबूत विकल्प
पूर्वी सिंहभूम में मंत्री पद खाली होने के बाद जिले के कई विधायकों के नाम सामने आ रहे हैं। घाटशिला के नवनिर्वाचित विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन, पोटका के संजीव सरदार और जुगसलाई के मंगल कालिंदी भी चर्चा में हैं, लेकिन अधिक अनुभव और लगातार दूसरी बार जीतने के आधार पर समीर मोहंती का नाम इस दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा है।

नवनिर्वाचित सोमेश चन्द्र सोरेन पहली बार विधानसभा पहुँचे हैं और सक्रिय राजनीति में उनका अनुभव अभी सीमित है। पार्टी के अंदर का एक वर्ग मानता है कि उन्हें सीधे मंत्री बनाना वरिष्ठ विधायकों में असंतोष पैदा कर सकता है, वहीं संजीव सरदार और मंगल कालिंदी भी दो बार विधायक रहने के बावजूद सीमावर्ती प्रभाव वाले क्षेत्र का प्रतिनिधित्व नहीं करते।
इसी कारण, अनुभवी और रणनीतिक रूप से प्रभावी समीर मोहंती की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।

सीमावर्ती क्षेत्र में बढ़ेगी झामुमो की पकड़
समीर मोहंती झारखंड–बंगाल–ओडिशा की सीमाओं से जुड़े बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं।
भविष्य में बंगाल विधानसभा चुनाव भी आने वाले हैं। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर मोहंती को मंत्री पद मिलता है, तो—
बंगाल और ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों में झामुमो की पकड़ बढ़ेगी
जातिगत और भाषाई समीकरण पार्टी के पक्ष में मजबूत होंगे
बहरागोड़ा क्षेत्र में ओड़िया और बंगभाषी समुदायों में पार्टी का प्रभाव और गहरा होगा
सीमावर्ती राज्यों में संगठन विस्तार को गति मिलेगी

अंतिम फैसला मुख्यमंत्री पर, जिले में राजनीतिक तापमान गर्म
हालांकि अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लेंगे, पर जिले में राजनीतिक चर्चा का केंद्र इस बात पर टिका है कि पूर्वी सिंहभूम से कौन मंत्री बनेगा।
लेकिन राजनीतिक माहौल और कार्यकर्ताओं की उम्मीदों में समीर मोहंती की दावेदारी सबसे मजबूत और प्रभावशाली मानी जा रही है।