ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और वित्त विभाग में बड़े बदलाव के संकेत
रांची।
झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के मंत्रिमंडल में जल्द ही विस्तार और विभागीय फेरबदल की पूरी संभावना बनती नजर आ रही है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, खरमास की समाप्ति के बाद नया मंत्रिमंडल औपचारिक रूप ले सकता है। इसको लेकर राजधानी रांची में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
ग्रामीण विकास विभाग को लेकर सबसे ज्यादा असंतोष
सूत्रों की मानें तो ग्रामीण विकास विभाग की कार्यप्रणाली सरकार के भीतर गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। विभाग की मौजूदा स्थिति को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन के कई विधायक नाराज बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि—
- बीते एक वर्ष में कई जिलों में योजनाओं की प्रगति बेहद धीमी रही
- विधायकों को अपेक्षित योजनाएं और संसाधन नहीं मिल सके
- मंत्री और विभागीय अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी रही
- योजनाओं के लंबित रहने से सरकार की छवि पर असर पड़ा
सूत्रों का यह भी कहना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं विभागीय प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हैं।
अनूप सिंह का नाम सबसे आगे
ग्रामीण विकास विभाग में बदलाव की स्थिति में बेरमो विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह का नाम सबसे मजबूती से सामने आ रहा है।
कांग्रेस के अंदरूनी समीकरणों में उन्हें मंत्री बनाए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। पूर्व कैबिनेट विस्तार के दौरान भी उनका नाम अंतिम दौर तक चर्चा में रहा था, लेकिन तब समीकरण बदल गए थे।
वित्त विभाग में भी फेरबदल के संकेत
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक वित्त विभाग में भी बदलाव संभव है। वर्तमान वित्त मंत्री की कार्यशैली को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पूरी तरह संतुष्ट नहीं बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि उनके भाजपा पृष्ठभूमि से आने और कांग्रेस की विचारधारा से पूरी तरह सामंजस्य नहीं बैठने को लेकर आलाकमान में असहजता है।
सूत्रों के अनुसार, वित्त विभाग के लिए—
👉 कांके विधायक सुरेश बैठा,
👉 खिजरी विधायक राजेश कच्छप,
👉 या रामचंद्र सिंह
के नामों पर गंभीर विचार किया जा रहा है।
कांग्रेस में लैंगिक संतुलन को लेकर मंथन
इस बार कांग्रेस आलाकमान मंत्रिमंडल में लैंगिक संतुलन को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है।
- पूर्व कांग्रेस कोटे में सभी मंत्री पुरुष थे
- वर्तमान मंत्रिमंडल में 2 पुरुष और 2 महिला मंत्री शामिल हैं
झामुमो कोटे से नए चेहरे की संभावना
झामुमो में भी एक नए चेहरे को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा है।
सूत्रों के अनुसार—
👉 घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन
👉 या बहरागोड़ा विधायक एवं झामुमो के केंद्रीय सचिव समीर मोहंती
में से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है।
हालांकि पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भरोसेमंद नेताओं में समीर मोहंती की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। लोकसभा चुनाव में उन्हें उम्मीदवार बनाना और बाद में केंद्रीय सचिव की जिम्मेदारी सौंपना इस विश्वास का संकेत माना जा रहा है।
पूर्वी सिंहभूम जिले में संगठन को मजबूती देने के लिहाज से भी उनका नाम अहम माना जा रहा है।
राजद कोटे में बदलाव की चर्चा
राजद कोटे से भी फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, वर्तमान मंत्री संजय प्रसाद यादव के स्थान पर सुरेश पासवान को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर रहेगा जोर
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि संभावित कैबिनेट विस्तार में झामुमो, कांग्रेस और राजद—तीनों दल जातीय, क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता देंगे।
सरकार इस फेरबदल के जरिए न केवल प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाना चाहती है, बल्कि जनता के बीच भरोसा मजबूत करने की रणनीति पर भी काम कर रही है।
सूत्रों के अनुसार,खरमास समाप्त होने के बाद मकर संक्रांति के बाद में नया मंत्रिमंडल औपचारिक रूप ले सकता है।
फिलहाल राजनीतिक हलकों में संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।