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झारखंड की राजनीति में भूकंप: हेमंत सोरेन एनडीए में शामिल होने को तैयार?

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बिहार में महागठबंधन की करारी हार के बाद अब झारखंड की सियासी गलियारे तीर के तीर की तरह गर्म हो गई हैं। खबरें आ रही हैं कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं से चुपचाप मुलाकात की। और यही मुलाकात अब राजनीतिक हलकों में सबसे बड़ी चर्चा का विषय बन गई है।

सूत्रों की मानें तो यह बैठक सिर्फ औपचारिक नहीं थी, बल्कि सियासी रणनीति की बुनियाद रखी गई। अफवाहें तो यह भी हैं कि दोनों दलों के बीच गठबंधन की प्रारंभिक सहमति तक बन चुकी है। चर्चा यह भी है कि उपमुख्यमंत्री के पद को लेकर बातचीत लगभग अंतिम चरण में है।

अब सवाल यह है: अगर हेमंत सोरेन सच में एनडीए के साथ हाथ मिलाते हैं, तो झारखंड विधानसभा के समीकरण कैसे बदलेंगे?

कांग्रेस: 16 सीटें

राजद: 4 सीटें

लेफ्ट: 2 सीटें

इस गठबंधन की ताकत 56 विधायक की है, जो उन्हें वर्तमान में आराम से सत्ता बनाए रखने में मदद करती है।

वहीं, अगर झारखंड में जेएमएम एनडीए के साथ गठबंधन करती है तो सत्ता समीकरण कुछ इस तरह दिखेंगे:

जेएमएम: 34

बीजेपी: 21

लोजपा: 1

आजसू: 1

जेडीयू: 1

कुल विधायक 58 होंगे, यानी बहुमत पक्के से पक्का।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर हेमंत सोरेन एनडीए के साथ गठबंधन करते हैं, तो यह भारतीय राजनीति के सबसे अप्रत्याशित और चौंकाने वाले कदमों में से एक माना जाएगा। 2024 के चुनाव अभियान में जेएमएम और बीजेपी के बीच सबसे तीखी टकराव वाली लड़ाई देखने को मिली थी।

अब सोचिए, वही नेता जिसने बीजेपी पर ईडी के दुरुपयोग और जेल भेजने का आरोप लगाया था, वह अगर एनडीए में शामिल हो जाता है, तो यह न केवल राजनीतिक जगत में भूकंप जैसा असर डालेगा, बल्कि जनता के लिए भी एक सियासी ड्रामा बन जाएगा।