अबुआ खबर डेस्क
देशभर में 3 अप्रैल 2026 के लिए पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) के ताजा दाम जारी कर दिए गए हैं। हर दिन की तरह तेल कंपनियों ने सुबह नई कीमतों को अपडेट किया, जिनमें अधिकांश शहरों में दरें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि कुछ स्थानों पर मामूली बदलाव देखने को मिला है।
ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए टैक्स पर निर्भर करती हैं। हाल के दिनों में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू स्तर पर आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए दरों को ज्यादा नहीं बढ़ाया गया है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम
देश के बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल लगभग 94 रुपये प्रति लीटर के आसपास है, जबकि डीजल 87 रुपये प्रति लीटर के करीब बना हुआ है। वहीं मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद जैसे महानगरों में भी कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, हालांकि कुछ शहरों में स्थानीय टैक्स के कारण दरें थोड़ी अधिक हैं।
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एलपीजी सिलेंडर के दाम
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत भी अलग-अलग शहरों में भिन्न है। दिल्ली और मुंबई में 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर की कीमत 900 रुपये के आसपास बनी हुई है, जबकि कुछ शहरों में यह 950 रुपये से अधिक भी है। वहीं कमर्शियल सिलेंडर के दाम 1800 से 2200 रुपये के बीच बने हुए हैं।
कीमतें स्थिर रखने के पीछे वजह
सरकार द्वारा पहले की गई एक्साइज ड्यूटी में कटौती और तेल कंपनियों को दी गई नीति के कारण फिलहाल कीमतों को नियंत्रित रखा गया है। इसके अलावा, कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव का कुछ भार खुद वहन करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे आम लोगों पर सीधा असर कम पड़े।
सप्लाई को लेकर राहत
सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि देश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। अगले कुछ समय के लिए कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। इससे पेट्रोल, डीजल और अन्य उत्पादों की उपलब्धता पर किसी तरह का संकट नहीं है।
क्या आगे बढ़ सकते हैं दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में इसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत जरूर है, लेकिन वैश्विक हालात के चलते स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी है।