अबुआ खबर डेस्क, हजारीबाग
झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत कुसुंबा गांव में 12 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। इस हृदयविदारक घटना के विरोध में बुलाए गए बंद का असर मंगलवार को शहर और आसपास के क्षेत्रों में साफ तौर पर देखने को मिला।
घटना के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी तथा कड़ी सजा की मांग करने लगे। स्थानीय व्यापारियों ने भी इस घटना के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर करते हुए स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं। उनका कहना है कि इस तरह की वारदात ने समाज को शर्मसार कर दिया है और इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
महिलाओं में भी इस घटना को लेकर भारी गुस्सा देखा जा रहा है। कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए, जहां लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए न्याय की मांग की।
इस बीच भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और बंद को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। पार्टी की नेत्री शेफाली गुप्ता ने कहा कि यह घटना मानवता को झकझोर देने वाली है और इससे साफ होता है कि महिला सुरक्षा को लेकर दावे जमीनी स्तर पर कमजोर हैं।
वहीं, भाजपा सांसद मनीष जायसवाल ने भी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना चिंता का विषय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा और इसे पूरे राज्य स्तर तक ले जाया जा सकता है।
लोगों का कहना है कि यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। आम नागरिकों से लेकर विभिन्न संगठनों तक, सभी एक स्वर में पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल, प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है और लोगों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होती है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो विरोध और उग्र होने की आशंका जताई जा रही है।