चाकुलिया। अबुआ खबर डेस्क
चाकुलिया-बहरागोड़ा क्षेत्र में अवैध बालू कारोबार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्वर्णरेखा नदी के बीच ह्यूम पाइप लगाकर अस्थायी पुल तैयार किए गए हैं, जिनके सहारे बड़े पैमाने पर बालू का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। इस पूरे मामले में प्रशासन की निष्क्रियता भी सवालों के घेरे में है।
नदी के बीच बनाया गया अवैध पुल, महीनों से चल रहा खेल
जानकारी के अनुसार बहरागोड़ा प्रखंड के मुटूरखाम इलाके में स्वर्णरेखा नदी के भीतर दर्जनों ह्यूम पाइप बिछाकर दो अस्थायी पुल तैयार किए गए हैं। इन पाइपों के ऊपर बोल्डर, मोरम और कंक्रीट डालकर मजबूत रास्ता बनाया गया है, ताकि भारी वाहनों की आवाजाही आसानी से हो सके।
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ग्रामीणों का कहना है कि इन पुलों का निर्माण जनवरी महीने में किया गया था और तभी से लगातार बड़े पैमाने पर बालू निकासी का काम जारी है। बताया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क को तैयार करने में लाखों रुपये खर्च किए गए हैं।
दिन में भंडारण, रात में सप्लाई का नेटवर्क
सूत्रों के मुताबिक, दिन के समय नदी से बालू निकालकर ट्रैक्टरों के जरिए आसपास के इलाकों में जमा किया जाता है। इसके बाद रात होते ही हाइवा वाहनों के जरिए इस बालू को शहरों, खासकर जमशेदपुर की ओर भेज दिया जाता है।
कई स्थानों पर अवैध रूप से बालू का स्टॉक भी किया गया है, जो इस पूरे कारोबार के संगठित तरीके से चलने की ओर इशारा करता है।
प्रशासन पर उठे सवाल
इतने बड़े स्तर पर अवैध उत्खनन होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।