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चाकुलिया: ना ड्राइविंग लाइसेंस और ना नंबर प्लेट, सड़कों पर नाबालिग दौड़ाते हैं अवैध बालू से लदे ट्रैक्टर

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चाकुलिया। अबुआ खबर डेस्क
चाकुलिया और बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र में अवैध बालू का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस और बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों को नाबालिग चालक खुलेआम सड़कों पर दौड़ा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।

आम तौर पर पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जाता है, जिसमें कागजात और लाइसेंस की जांच होती है। लेकिन अवैध बालू ढोने वाले ट्रैक्टरों के मामले में नियमों की खुली अनदेखी देखने को मिल रही है। ये ट्रैक्टर बिना नंबर प्लेट, बिना रजिस्ट्रेशन और बिना वैध दस्तावेजों के दिन-रात सड़कों पर चलते दिखाई देते हैं।

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जानकारी के अनुसार, बहरागोड़ा और चाकुलिया क्षेत्र के स्वर्णरेखा नदी घाटों से बड़े पैमाने पर अवैध बालू का उत्खनन किया जा रहा है। इन घाटों से बालू लादकर ट्रैक्टर श्यामसुंदरपुर थाना क्षेत्र से गुजरते हुए चाकुलिया तक पहुंचते हैं। इस दौरान तीन-तीन थाना क्षेत्रों से होकर गुजरने के बावजूद इन पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती, जिससे प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, अवैध बालू ढुलाई में लगे कई ट्रैक्टर नाबालिगों द्वारा चलाए जा रहे हैं, जिनके पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है और न ही वाहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज। इसके बावजूद ये वाहन बेखौफ होकर मुख्य सड़कों से लेकर ग्रामीण रास्तों तक दौड़ रहे हैं।

अवैध बालू परिवहन का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी साफ दिखाई देने लगा है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से गांवों की सड़कों की हालत खराब हो रही है और हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।

इससे नाराज ग्रामीण अब खुद ही मोर्चा संभालते नजर आ रहे हैं। चाकुलिया प्रखंड के बीरदोह पंचायत के कुलडीहा गांव में ग्रामीणों ने बालू से लदे वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। गांव के प्रवेश द्वार पर एक सूचना बोर्ड लगाया गया है, जिसमें स्पष्ट लिखा गया है कि यदि बालू से लदा कोई वाहन पकड़ा गया, तो उस पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

बताया जा रहा है कि यही रास्ता पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाले अवैध बालू परिवहन का मुख्य मार्ग है, जहां से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं।