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बहरागोड़ा के पाथरा चौक में 7 दिसंबर को स्वर्गीय द्विजेन कुमार षडंगी की प्रतिमा का होगा अनावरण

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बहरागोड़ा | संवाददाता

बहरागोड़ा प्रखंड के पाथरा पंचायत स्थित पाथरा चौक में स्वर्गीय द्विजेन कुमार षडंगी (कुनु बाबू) की प्रतिमा का अनावरण 7 दिसंबर, रविवार को आयोजित किया जाएगा। समारोह की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच गई हैं और स्थानीय स्तर पर इसका उत्साह स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार प्रतिमा निर्माण के लिए ओडिशा के प्रसिद्ध खिचिंग क्षेत्र से विशेष पत्थर मंगाए गए हैं। यह इलाका मूर्तिकला के लिए देशभर में जाना जाता है, खासकर यहाँ के काले क्लोराइट पत्थर—जिसे ‘मुगुनी पत्थर’ कहा जाता है—से उत्कृष्ट नक्काशी होती है। इसी पत्थर से बहरागोड़ा के कुशल कारीगरों ने प्रतिमा को आकार दिया है।

द्विजेन कुमार षडंगी का जन्म 10 नवंबर 1951 को हुआ था और 19 दिसंबर 2022 को उनका निधन हुआ। वे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश षडंगी के छोटे भाई थे और क्षेत्र में एक संवेदनशील, सरल और समर्पित समाजसेवी के रूप में व्यापक पहचान रखते थे।

कानूनी पेशे में अपनी मजबूत पकड़ के कारण वे जमशेदपुर बार एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य थे, लेकिन क्षेत्र में उनकी असली पहचान उनके समाजसेवी कार्यों से बनी। वे हमेशा आम लोगों के सुख-दुख में साथ खड़े रहने के लिए जाने जाते थे।

द्विजेन षडंगी की राजनीतिक यात्रा की शुरुआत मधुसूदन लॉ यूनिवर्सिटी, कटक से हुई, जहाँ वे सबसे कम उम्र में जनरल सेक्रेटरी बने। प्रारंभिक दौर में ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक से उन्होंने राजनीति और समाजसेवा की सीख ली।

अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वे पूर्वी सिंहभूम के गंडानाटा गाँव लौटे और मुखिया चुनाव जीतकर लगातार 29 वर्षों तक इस पद पर बने रहे। वे खासतौर पर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय रहे।

1980 में उन्होंने झारखंड पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ा, जहाँ वे मामूली अंतर से दूसरे स्थान पर रहे।

क्षेत्र में उन्हें राजनीति का ‘चाणक्य’ भी कहा जाता था, क्योंकि खुद चुनाव नहीं लड़ने के बावजूद वे हर बार चुनावी समीकरणों को सही तरीके से समझते और रणनीति तय करते थे। उन्होंने अपने बड़े भाई डॉ. दिनेश षडंगी को दो बार तथा कुणाल षडंगी को एक बार विधानसभा चुनाव जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सिर्फ द्विजेन षडंगी ही नहीं, बल्कि उनका परिवार भी लंबे समय से समाज की सेवा में समर्पित रहा है। उनके पिता तारापद षडंगी ने 1950 के दशक में गंडानाटा उच्च विद्यालय और खंडामौदा ओड़िया उच्च विद्यालय की स्थापना की थी, जिससे क्षेत्र में शिक्षा की नींव मजबूत हुई।

7 दिसंबर को होने वाले प्रतिमा अनावरण समारोह में कई प्रमुख नेता शामिल होंगे। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीकांत कुमार जेना उपस्थित रहेंगे।

इसके अलावा कार्यक्रम में शामिल होने वालों में—

  • सांसद विद्युत वरण महतो
  • विधायक समीर महंती
  • जमशेदपुर के विधायक सरयू राय
  • राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा
  • वरिष्ठ अधिवक्ता मनोरंजन दास
  • पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो
  • पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई
  • पूर्व सांसद शैलेन्द्र महतो एवं आभा महतो
  • पूर्व विधायक देवी पद उपाध्याय
  • भाजपा नेत्री मीरा मुंडा
  • भाजपा प्रवक्ता अजय शाह
  • वन क्षेत्र पदाधिकारी दिग्विजय सिंह
  • समाजसेवी अभय सिंह, भरत झुनझुनवाला, रामचंद्र सहिस, आशुतोष मिश्रा, नवीन मिश्र
    समेत बड़ी संख्या में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

स्थानीय लोगों का मानना है कि यह कार्यक्रम द्विजेन षडंगी के प्रति जनता के प्रेम और सम्मान का प्रतीक होगा, जिन्होंने जीवनभर बहरागोड़ा और आसपास के क्षेत्र की सेवा को प्राथमिकता दी।