बहरागोड़ा। संवाददाता
बहरागोड़ा प्रखंड के पाथरा पंचायत स्थित पाथरा चौक में रविवार को स्वर्गीय द्विजेन कुमार षडंगी कुनु बाबू की आदमकद प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया। इस स्मरणीय अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उनके आगमन पर स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया और पारंपरिक रीति से सम्मानित किया।
प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब
अर्जुन मुंडा ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कुनु बाबू की प्रतिमा का परदा उठाकर अनावरण किया। तत्पश्चात मंच पर मौजूद अतिथियों ने पुष्पगुच्छ और शॉल देकर उनका अभिनंदन किया। प्रतिमा के समक्ष सभी ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखकर स्वर्गीय षडंगी को नमन किया।

“कुनु बाबू साइलेंट कर्मयोगी थे” — अर्जुन मुंडा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अर्जुन मुंडा ने स्व. कुनु बाबू के जीवन, संघर्ष और सेवा-भाव को याद किया। उन्होंने कहा कि—
“द्विजेन कुमार षडंगी ऐसे समाजसेवी थे, जिन्होंने बिना प्रचार-प्रसार के चुपचाप लोगों की सेवा की। वे सचमुच समाज के ‘साइलेंट कर्मी’ थे।”
उन्होंने बताया कि एक अधिवक्ता होने के नाते कुनु बाबू ने गरीब, वंचित और शोषित लोगों की आवाज अदालत में मजबूती से उठाई और कई पीड़ितों को न्याय दिलाया। अर्जुन मुंडा ने कहा कि उनकी प्रतिमा अनावरण के दौरान इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जुटना इस बात का प्रमाण है कि कुनु बाबू ने लोगों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी थी।

अंतिम मुलाकात का जिक्र करते हुए हुए भावुक हुए अर्जुन मुंडा
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी अंतिम मुलाकात को याद करते हुए कहा कि उनके आमंत्रण पर कुनु बाबू सीधे जमशेदपुर स्थित उनके आवास पर मिलने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उनका विनम्र स्वभाव और लोगों से गहरा लगाव हमेशा याद रखा जाएगा।
कुनु बाबू का जीवन परिचय और संघर्ष
स्वर्गीय द्विजेन कुमार षडंगी का जन्म 10 नवंबर 1951 को हुआ था। 19 दिसंबर 2022 को उन्होंने अंतिम सांस ली। अपने शुरुआती राजनीतिक जीवन में वे ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत बीजू पटनायक के निकट रहे और उनके मार्गदर्शन में समाजसेवा का रास्ता अपनाया।
पढ़ाई पूरी करने के बाद वे पूर्वी सिंहभूम के गंडानाटा गांव लौटे और मुखिया चुनाव जीता। लगातार 29 वर्षों तक वे मुखिया पद पर रहे और इस दौरान गरीबों, वंचितों और आदिवासी समाज की आवाज बनकर सामने आए।
संथाल समाज में उनकी विशेष पकड़ और लोकप्रियता ने उन्हें पूरे जिले में जाना-पहचाना चेहरा बनाया।
हजारों लोगों ने दी श्रद्धांजलि
अनावरण समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और शुभचिंतकों की उपस्थिति रही। मौके पर जिला अध्यक्ष चंडी चरण साहू, सांसद पुत्र कुणाल महतो, स्व. कुनु बाबू की पत्नी सुस्मिता षडंगी, पुत्री रुचि षडंगी सहित कई गणमान्य लोग और स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद थे।
धनेश्वर मुर्मू, परमेश्वर हेंब्रम, आशुतोष मिश्रा, मनोज गिरी, आनंद अग्रवाल, चितरंजन महापात्र सहित हजारों लोग इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।