बहरागोड़ा। संवाददाता
बहरागोड़ा में नेताजी सुभाष जयंती समारोह समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक देव वाटिका सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सेवानिवृत्त शिक्षक भवशंकर बांसुरी ने की, जबकि संचालन की जिम्मेदारी बाप्तू साव ने निभाई। बैठक में पिछले वर्ष के आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किए गए और आगामी आयोजन को और भव्य बनाने को लेकर नई समिति का गठन किया गया।
23 से 31 जनवरी तक भव्य सुभाष मेला का आयोजन
समिति ने निर्णय लिया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी काली संघ मैदान में 23 जनवरी से 31 जनवरी तक नौ दिनों तक 15वां ‘नेताजी सुभाष जयंती समारोह’ यानी ‘सुभाष मेला’ धूमधाम से आयोजित किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, आकर्षक विद्युत सज्जा, कृषि एवं शिल्प प्रदर्शनी, आर्ट गैलरी, मीना बाजार और अलग-अलग कंपनियों के स्टाल लगाए जाएंगे।
नए संचालन समिति के पदाधिकारियों का चयन
बैठक में मेले की तैयारी और संचालन के लिए नई समिति गठित की गई।
मुख्य पद इस प्रकार हैं:
संरक्षक
- रंजीत कुमार बाला
- संयोजक – सपन महतो, सुदीप पटनायक, बिमल बारीक
- सह संयोजक – दिलीप साव, पिंटू महंती, मनोज गिरी, देवाशीष दास, वन बिहारी साव, संजय प्रहराज, श्रीवत्स घोष
अध्यक्ष मंडल
- अध्यक्ष – चंडी चरण साव
- कार्यकारी अध्यक्ष – सुमित माइति
- उपाध्यक्ष – मदन मदीना, राजकुमार कर, रामहरि बेरा, मिंटू नायक, मिहिर दलाई, अपूर्व सुंदर दास, बबलू मंडल, भूपति नायक, चित्त रंजन महतो, कमल आचार्य, मानिक मंडल, बिस्वजीत सीट, सनत मंडल, भक्तिश्री पांडा, महादेव बैठा
सचिवालय
- सचिव – आदित्य प्रधान
- सह सचिव – विकास मित्र, रंजीत घावरिया, सोमनाथ साव, चंदन सीट, मिलन ओझा, कमलेश साव, देबू सीट, अमल साव, राजू पातर, पिकलू घोष, राजा पात्र, कौशिक माइति, अनल कमीला, संदीप दुबे, हेमकांत भूइया
कोषाध्यक्ष
- उत्तम साव
उपदेशक एवं कार्यसमिति सदस्यों का गठन
उपदेशक समिति में मिलन प्रकाश बाला, सुशीम पटनायक, अर्धेंदु प्रहराज, आशीष करण, पीयूष कांति साव, मोहिनी रंजन ओझा, दीपेन मन्ना, रतन मिश्र, तरुण ओझा सहित कई वरिष्ठ सदस्यों को शामिल किया गया है।
कार्यसमिति में मानस कुईला, देबू माइति, हरिशंकर साधु, मिठू घोष, ननी गोपाल साव, अरुण पात्र, प्रभात घोष, शिशुपाल सिंह, अमित कर, सोनू सिंह, राधागोविंद भोक्ता, शंकर नायक, हरि माइति, देव प्रसाद दुबे, मंजीत धावरिया, रूपक दे, वरुण साव, देबू दंडपाट आदि सदस्यों को चुना गया।
स्थानीय लोगों की भागीदारी से मेला होगा और भव्य
समिति का मानना है कि इस बार सुभाष मेला पहले से भी अधिक आकर्षक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध होगा। आयोजन से स्थानीय कलाकारों, दुकानदारों और ग्रामीण समुदाय को मंच मिलेगा, साथ ही नेताजी के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।