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3 अगस्त को माओवादी बंद: झारखंड-बिहार समेत पांच राज्यों में बंद का ऐलान, एनकाउंटर में मारे गए साथियों के विरोध में कदम

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प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने झारखंड, बिहार, उत्तरी छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और असम में 3 अगस्त 2025 को बंद का आह्वान किया है। संगठन ने हाल के महीनों में अपने सदस्यों पर की गई कार्रवाई और एनकाउंटर में हुई मौतों के विरोध में यह कदम उठाया है।

भाकपा माओवादी की पूर्वी क्षेत्रीय ब्यूरो के प्रवक्ता संकेत की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बंद की घोषणा की गई है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि “विवेक सहित आठ माओवादियों की हत्या और ‘ऑपरेशन कगार’ के नाम पर किए जा रहे फासीवादी दमन के खिलाफ हम 3 अगस्त को एक दिवसीय बंद का आयोजन कर रहे हैं।”

देशभर में स्मृति सभाओं की योजना
संगठन ने बंद के साथ-साथ देशभर में स्मृति सभाएं आयोजित करने की भी घोषणा की है। इन सभाओं के ज़रिए मारे गए नक्सलियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके लिए माओवादी समर्थकों को अंडरग्राउंड बैठकें करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

पिछले 6 महीनों में 17 नक्सली मारे गए
राज्य सरकार और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के चलते नक्सली संगठन झारखंड में बैकफुट पर नजर आ रहा है। 1 जनवरी से 18 जुलाई 2025 के बीच झारखंड पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त कार्रवाई में कुल 17 नक्सलियों को मुठभेड़ों में मार गिराया गया है।

इनमें सबसे बड़ी कार्रवाई अप्रैल 2025 में हुई, जब बोकारो जिले में सुरक्षा बलों ने एक साथ आठ नक्सलियों को मार गिराया। मारे गए उग्रवादियों में एक करोड़ का इनामी माओवादी विवेक उर्फ प्रयाग मांझी भी शामिल था। इसके अलावा जनवरी में चाईबासा में एनकाउंटर में जोनल कमांडर संजय गंझू और एक महिला नक्सली हेमंती मांगियां को भी ढेर किया गया था।

इसी साल रामगढ़ में स्प्लिंटर ग्रुप चला रहे राहुल तुरी को भी सुरक्षा बलों ने मार गिराया। वहीं जुलाई में बोकारो में पांच लाख के इनामी कुंवर को भी मार गिराया गया।

197 नक्सली पहुंचे जेल के पीछे
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, 2025 में अब तक 197 नक्सलियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। लगातार कार्रवाई के चलते माओवादी संगठन की जमीनी पकड़ कमजोर होती नजर आ रही है।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
3 अगस्त के बंद को लेकर सभी प्रभावित राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। खुफिया एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।