Responsive Menu
Add more content here...

झारखंड राजनीति में नया मोड़, सरयू राय का बड़ा बयान

Spread the love

अबुआ खबर डेस्क, धनबाद

झारखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जमशेदपुर पश्चिम से विधायक सरयू राय ने ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। धनबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन चाहें तो मौजूदा समीकरणों में बदलाव कर बिना कांग्रेस और भाजपा के भी सरकार चला सकते हैं।

सरयू राय ने आगे कहा कि यदि झारखंड मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय जनता दल और वाम दल एकजुट हो जाएं, तो सरकार के लिए जरूरी बहुमत का आंकड़ा हासिल किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे हालात में वे स्वयं सहित कुछ अन्य विधायक बिना शर्त समर्थन देने को तैयार हैं।

Read More : ऊर्जा संकट के बीच भारत की बड़ी तैयारी, LPG पर दोहरी रणनीति

अपने बयान के दौरान सरयू राय ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अक्सर गठबंधन सहयोगियों को पर्याप्त सम्मान नहीं देती और अपने हितों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने हालिया चुनावी समीकरणों का जिक्र करते हुए कहा कि कई राज्यों में सीट बंटवारे को लेकर सहयोगी दलों में असंतोष देखा गया है, जिसका असर गठबंधन की मजबूती पर पड़ता है।

राय के अनुसार, वर्तमान राजनीतिक स्थिति में यदि वैकल्पिक समीकरण बनता है, तो कांग्रेस के समर्थन के बिना भी सरकार का गठन संभव हो सकता है। हालांकि यह पूरी तरह मुख्यमंत्री और सहयोगी दलों के फैसले पर निर्भर करेगा कि वे किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।

यह बयान ऐसे समय आया है जब झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर समन्वय को लेकर सवाल उठते रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस तरह का कोई समीकरण बनता है, तो राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

फिलहाल, इस बयान के बाद सियासी हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।