गुड़ाबांदा | संवाददाता
गुड़ाबांदा प्रखंड के फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत अंतर्गत बालियापोषी फुटबॉल मैदान में रविवार को भारतीय जनता पार्टी की ओर से पंचायत स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भाजपा शासनकाल में ही झारखंड का गठन हुआ था, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने हमेशा झारखंडवासियों को ठगने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा गठबंधन सरकार के शासन में भ्रष्टाचार चरम पर है। ब्लॉक स्तर से लेकर शीर्ष स्तर तक अधिकारी कमीशनखोरी में डूबे हैं, और यही कारण है कि आम जनता की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की खनिज संपदा अब दिल्ली और मुंबई के दलालों के हवाले कर दी गई है, जबकि स्थानीय युवाओं को रोजगार से वंचित रखा गया है।

उन्होंने लोगों से भाजपा को समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि “अगर झारखंड के हितों की रक्षा करनी है, तो जनता को भाजपा के पक्ष में एकजुट होना होगा।”
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने भी राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार के कार्यकाल में आदिवासियों की जमीन, संस्कृति और पहचान खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि वीर शहीद सिदो-कान्हो के गांव भोगनाडीह की जमीन तक सुरक्षित नहीं है, और बांग्लादेशी घुसपैठिए धीरे-धीरे गाँवों में कब्जा कर रहे हैं।
चंपाई सोरेन ने कहा कि “सिदो-कान्हो के वंशज मंडल मुर्मू पर लाठीचार्ज किया गया, चाईबासा में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे आदिवासियों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए — और सरकार जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है।”

उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे घाटशिला उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन को विजयी बनाएं, ताकि राज्य में घुसपैठ और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके।
सम्मेलन में पूर्व विधायक मेनका सरदार, रामकुमार पाहन सहित कई भाजपा नेताओं ने भी संबोधित किया। इस मौके पर भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन, मंडल अध्यक्ष रविंद्र नाथ गांतात, जिला मंत्री गौर चंद्र पात्र, द्विजेन प्रधान, रामचंद्र हेम्ब्रम, रसानंद पातर समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।