अबुआ खबर डेस्क | बहरागोड़ा
बहरागोड़ा क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी किनारे मिले द्वितीय विश्व युद्ध काल के एक शक्तिशाली बम को भारतीय सेना ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। बुधवार सुबह करीब 11 बजे सेना की विशेष टीम ने नियंत्रित विस्फोट के जरिए इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
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जानकारी के अनुसार, यह बम अमेरिकी निर्माण का ANM-64 प्रकार का था, जिसे नदी की रेत के भीतर दबा हुआ पाया गया था। सेना के विशेषज्ञों ने पहले लगभग 20 फीट गहरा गड्ढा तैयार किया और बम को उसमें रखकर बालू की बोरियों से ढक दिया, ताकि विस्फोट के दौरान आसपास के इलाके को सुरक्षित रखा जा सके।
इसके बाद सुरक्षित दूरी से डेटोनेटर के माध्यम से करीब 227 किलोग्राम वजनी बम को ब्लास्ट कर निष्क्रिय किया गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और आसमान में करीब 100 मीटर ऊंचा धुएं का गुबार उठता देखा गया।
इस पूरे अभियान का नेतृत्व सेना के कैप्टन आयुष कुमार सिंह ने किया, जबकि लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह के दिशा-निर्देश में ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर विस्फोट स्थल से करीब एक किलोमीटर के दायरे में घेराबंदी की गई थी और आम लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी।
बताया गया कि 15 अप्रैल को यह बम नदी में मिला था, जिसके बाद स्थानीय थाना प्रभारी ने उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद सेना को बुलाया गया और पिछले कुछ दिनों से टीम ऑपरेशन की तैयारी में जुटी हुई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बम द्वितीय विश्व युद्ध के समय का हो सकता है, जो वर्षों से नदी की रेत में दबा हुआ था। सेना की सतर्कता और सावधानी से इस खतरनाक वस्तु को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया, जिससे किसी भी तरह की अनहोनी टल गई।