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आजादी के बाद पहली बार नक्सल मुक्त कोलाबेड़िया टोला पहुंचा कोई डीसी

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जमशेदपुर: आजादी के बाद पहली बार किसी डीसी ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र से मुक्त हुए गुड़बांदा प्रखंड के कोलाबेड़िया गांव का दौरा किया। गुरुवार को उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी गुड़ाबांदा प्रखंड अंतर्गत फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत स्थित कोलाबेड़िया टोला पहुंचे। इस दौरान उनके साथ अनुमंडल पदाधिकारी सुनील चंद्र, प्रखंड विकास पदाधिकारी डांगुर कोड़ाह, पंचायत की मुखिया फूलमोनी मुर्मू, थाना प्रभारी राजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
दुर्गम पहाड़ियों और जंगलों के बीच स्थित इस गांव तक पहुंचने के लिए उपायुक्त को बाइक और पैदल यात्रा करनी पड़ी। लगभग चार किलोमीटर की इस कठिन यात्रा में कई जगह नालों में पानी का बहाव अधिक होने के कारण उन्हें अपने हाथों में जूते पकड़कर चलना पड़ा। गांव पहुंचकर उपायुक्त ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं। ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, पेयजल, आवास, आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य सुविधा जैसी मूलभूत जरूरतों की ओर ध्यान आकृष्ट किया। उपायुक्त ने मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
स्कूली बच्चों से की बातचीत
डीसी ने कोलाबेड़िया के प्राथमिक विद्यालय और अस्थायी आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर पढ़ाई, उपस्थिति और पाठ्य सामग्री की जानकारी ली। शिक्षकों से चर्चा करते हुए उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का आश्वासन दिया और बच्चों को नियमित स्कूल आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचे और इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी खुद दुर्गम इलाकों का दौरा कर जमीनी हकीकत से रू-ब-रू हो रहे हैं। उपायुक्त ने ग्रामीणों से अपील की कि वे योजनाओं में भागीदारी निभाएं और अपनी समस्याएं स्थानीय स्तर पर साझा करें ताकि समय पर समाधान हो सके। इस दौरे से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि वर्षों से उपेक्षित इस क्षेत्र में अब विकास की बयार बहेगी।