नई दिल्ली, 06 अगस्त 2025
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत से आयातित उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा पर भारत ने कड़ा प्रतिरोध दर्ज कराया है। भारत सरकार ने इस फैसले को “दुर्भाग्यपूर्ण और एकतरफा” करार देते हुए स्पष्ट किया है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।
ट्रंप का आरोप और भारत की प्रतिक्रिया
ट्रंप ने भारत पर आरोप लगाया कि वह रूस से सस्ता तेल खरीदकर अप्रत्यक्ष रूप से रूसी युद्ध को समर्थन दे रहा है, जिसके चलते उन्होंने यह टैरिफ लागू किया। भारत ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह एक स्वतंत्र ऊर्जा नीति का पालन करता है और अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेता है।
भारत का आधिकारिक बयान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा:
“अमेरिका का यह निर्णय बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत अपने आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए WTO समेत सभी उचित मंचों पर उचित कदम उठाएगा।”
टैरिफ का संभावित असर
भारत से निर्यात किए जाने वाले वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो पार्ट्स और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों पर सीधा असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय उद्योगों, खासकर MSME सेक्टर को झटका लग सकता है।
राजनीतिक और कूटनीतिक महत्व
ट्रंप के इस फैसले को केवल आर्थिक नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव के रूप में भी देखा जा रहा है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा और स्वतंत्र विदेश नीति बनाए रखेगा।