रांची/अंतरराष्ट्रीय डेस्क। रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पश्चिमी यूक्रेन में 574 ड्रोन और 40 मिसाइलें दागी गईं। इस हमले में एक अमेरिकी स्वामित्व वाली इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री (Flex) भी निशाने पर आ गई, जिससे कई कर्मचारी घायल हो गए और एक की मौत की पुष्टि हुई है।
हमले के दौरान यूक्रेन के कई इलाकों में भारी तबाही हुई। मिसाइल और ड्रोन हमलों ने न सिर्फ सैन्य ठिकानों को बल्कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी नुकसान पहुंचाया। अमेरिकी फैक्ट्री पर हमले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर माना जा रहा है।
शांति वार्ता पर असर
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता की पैरवी कर रहे थे। विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला वार्ता के प्रयासों को और कठिन बना देगा।
जेलेंस्की का बयान
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस हमले को “रूस की असली मंशा का सबूत” बताया। उनका कहना है कि यह घटना दिखाती है कि मास्को शांति वार्ता में रुचि नहीं रखता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को रूस पर और कड़े कदम उठाने होंगे।
अंतरराष्ट्रीय चिंता
अमेरिकी फैक्ट्री पर हमला होने से अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सुरक्षा चिंताएं भी बढ़ गई हैं। पश्चिमी देशों का मानना है कि यह हमला सीधे तौर पर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और निवेश को निशाना बनाने का संकेत है।