कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। 90 वर्ष की आयु में उन्होंने लातुर के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। जानकारी के अनुसार, वह कुछ समय से बीमार चल रहे थे और देवघर स्थित अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। पाटिल के परिवार में बेटे शैलेश, बहू अर्चना और दो पोतियां हैं।
लातुर से सात बार चुने गए सांसद, गांधी परिवार के भरोसेमंद नेताओं में रहे शामिल
शिवराज पाटिल का राजनीतिक सफर बेहद प्रभावशाली रहा है। वह लातूर लोकसभा सीट से सात बार सांसद चुने गए और लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे।
उन्होंने 1980, 2004 और 2008 में रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली थी।
2008 के मुंबई हमलों के बाद सुरक्षा चूक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। राजनीतिक जगत में उन्हें गांधी परिवार के बेहद करीबी नेताओं में गिना जाता था।
प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्त किया दुख
पूर्व मंत्री के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए शोक प्रकट किया।
प्रधानमंत्री ने लिखा कि शिवराज पाटिल एक अनुभवी और सम्मानित नेता थे, जिन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री, महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष और लोकसभा अध्यक्ष के रूप में देश की सेवा की।
पीएम मोदी ने कहा कि समाज और जनकल्याण के कार्यों में पाटिल का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले ही उनकी पाटिल से मुलाकात हुई थी। इस कठिन समय में उन्होंने शोक संवेदना पाटिल के परिजनों के प्रति व्यक्त की।