बहरागोड़ा, संवाददाता (बापुन)30 जुलाई 2025:
झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवाओं के ठप पड़ने से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। 28 जुलाई से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण बहरागोड़ा समेत कई क्षेत्रों में मरीजों और उनके परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के नेतृत्व में यह हड़ताल लंबित मांगों को लेकर शुरू की गई है। संघ का कहना है कि संस्था “सम्मान फाउंडेशन” के साथ 26 जून 2025 को एक लिखित समझौता हुआ था, लेकिन अब तक उसे लागू नहीं किया गया है।
ये हैं एंबुलेंस कर्मियों की प्रमुख मांगें:
फरवरी से जून तक का बकाया मानदेय भुगतान
EPF और ESIC ग्रुप बीमा की सुविधा
वेतन भुगतान झारखंड सरकार एवं श्रम विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार
हक मांगने पर संस्था द्वारा भेजे जा रहे धमकी भरे पत्रों की निंदा
संघ का आरोप है कि कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने पर मानसिक दबाव डाला जा रहा है, जो अस्वीकार्य है।
मरीजों की हालत हुई गंभीर
एंबुलेंस सेवा बंद होने से गंभीर मरीजों को निजी वाहनों से अस्पताल तक पहुंचाया जा रहा है, जिसमें न तो जीवन रक्षक उपकरण होते हैं, न ही trained EMT स्टाफ। इससे कई मामलों में स्थिति और गंभीर हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि स्वास्थ्य सुविधाएं सामान्य हो सकें और एंबुलेंस कर्मियों की जायज़ मांगों पर भी विचार हो।
धरना स्थल पर उपस्थित कर्मी:
धरना स्थल पर देवदत्त पात्र, राजेश कुमार दुबे, सोरज कुमार नाथ, कान्हू चरण बेरा, पिंटू घोष, सत्यकिंकर घोष, कृष्णा अर्जुन महाकुड़, बिसाल सिंह, अर्जून दास, ऋषि सिंह, मनोज कुमार, देबू राणा, गौरांग प्रधान, विश्वजीत प्रधान समेत दर्जनों एंबुलेंस कर्मी डटे हुए हैं।