झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता और पूर्व विधायक कुणाल षडंगी ने घाटशिला अनुमंडल में अग्निशमन सेवाओं की बदहाली को लेकर राज्य के महानिदेशक (होम गार्ड और अग्निशमन सेवाएं) एम. एस. भाटिया से रांची में मुलाकात की और कई अहम मांगें रखीं।
कुणाल षडंगी ने डिजी को बताया कि घाटशिला अनुमंडल का मुख्य अग्निशमन केंद्र होने के बावजूद यहां खुद का कार्यालय तक नहीं है। क्षेत्र में बीते वर्षों में कई बहुमंजिला इमारतें और फ्लैट्स बन चुके हैं, लेकिन वहां मौजूद दमकल केंद्र के पास ऊंची इमारतों में आग बुझाने के लिए जरूरी सीढ़ी (लैडर) तक नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि बहरागोड़ा अग्निशमन केंद्र का भवन बेहद जर्जर हो चुका है और वहां कार्यरत कर्मियों व संसाधनों की सुरक्षा खतरे में है। भवन के हालात ऐसे हैं कि किसी भी वक्त कोई दुर्घटना घट सकती है। हालांकि केंद्र में नई दमकल गाड़ियाँ उपलब्ध हैं, लेकिन बोरिंग खराब होने की वजह से उन्हें बाहर से पानी भरवाना पड़ता है, जिससे समय पर रेस्पॉन्स प्रभावित होता है।
चाकुलिया की स्थिति पर चिंता जताते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि बहरागोड़ा से चाकुलिया की दूरी अधिक होने के कारण चाकुलिया में एक दमकल वाहन की स्थायी तैनाती आवश्यक है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने यह भी आग्रह किया कि अनुमंडल के सभी स्कूलों और कॉलेजों में फायर सेफ्टी ऑडिट कराई जाए और सभी संस्थानों में अग्निशामक यंत्र अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों।
इस पर डिजी एम. एस. भाटिया ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इन समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि सभी प्रखंडों में अग्निशमन केंद्र खोलने के प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन हैं और बजट की उपलब्धता के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।