रांची | संवाददाता विशेष
राजधानी रांची स्थित HEC (हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) मुख्यालय सोमवार को उस समय प्रदर्शन और तनाव का केंद्र बन गया, जब HEC संघर्ष मोर्चा से जुड़े दर्जनों कर्मचारी अर्धनग्न होकर सड़क पर उतर आए। इन कर्मचारियों की प्रमुख मांग थी—कंपनी से निकाले गए आउटसोर्स कर्मचारियों को फिर से बहाल किया जाए।
क्या ‘मदर ऑफ ऑल इंडस्ट्री’ अपने ही कर्मचारियों के खिलाफ हो चुकी है?
प्रदर्शनकारियों ने HEC प्रबंधन पर मनमानी और संवेदनहीनता का आरोप लगाया। उनका कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे आउटसोर्स श्रमिकों को बिना किसी पूर्व सूचना के हटा दिया गया, जो न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि श्रमिकों के अस्तित्व पर भी संकट पैदा करता है।
प्रतीकात्मक विरोध: क्यों उतरे अर्धनग्न?
प्रदर्शनकारियों का अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करना उनके गुस्से और हताशा का प्रतीकात्मक प्रदर्शन था। उन्होंने कहा कि यह विरोध सरकार और कंपनी प्रबंधन की उपेक्षा के खिलाफ है। “अगर हमारी बात नहीं सुनी गई, तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा,” संघर्ष मोर्चा से जुड़े नेताओं ने चेतावनी दी।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन, पुलिस बल तैनात
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस बल की तैनाती की गई थी। हालांकि, पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
अभी तक प्रबंधन की चुप्पी
HEC प्रबंधन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन लगातार बातचीत से बच रहा है, और उनकी मांगों की अनदेखी कर रहा है।
प्रमुख मांगें:
हटाए गए आउटसोर्स कर्मचारियों की तत्काल बहाली
श्रमिकों के लिए स्थिर रोजगार और सुरक्षा
कंपनी प्रबंधन से संवाद स्थापित करने की अपील