नई दिल्ली, — संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है, और पहले ही दिन देश की राजनीति का तापमान बढ़ता दिख रहा है। एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्र की शुरुआत से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए कृषि, अर्थव्यवस्था और आतंकी गतिविधियों के खिलाफ सेना की कार्रवाई को लेकर सकारात्मक संकेत दिए, वहीं विपक्ष ने उनकी संसद में अनुपस्थिति और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रधानमंत्री ने मानसून को बताया नवाचार का प्रतीक
प्रधानमंत्री मोदी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में कहा कि मानसून केवल मौसम का बदलाव नहीं बल्कि देश में नई ऊर्जा और सृजनशीलता का संकेत है। उन्होंने बताया कि इस बार देश में अत्यधिक अनुकूल मानसून रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि बीते एक दशक में पहली बार जल भंडारण में तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे आर्थिक लाभ की संभावना बढ़ी है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सेना की सराहना
प्रधानमंत्री ने हाल ही में आतंकी ठिकानों पर की गई सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हमारी सेना ने आतंकियों को उनके गढ़ में जाकर करारा जवाब दिया है। उन्होंने इसे भारतीय सैन्य संकल्प और सामर्थ्य का प्रतीक बताते हुए कहा कि देश में माओवाद और नक्सलवाद का प्रभाव लगातार सिमट रहा है और यह बदलाव उन इलाकों में स्पष्ट दिख रहा है, जिन्हें पहले ‘रेड जोन’ कहा जाता था और अब वे ‘ग्रीन जोन’ बनते जा रहे हैं।
अर्थव्यवस्था पर दिखाया आत्मविश्वास
प्रधानमंत्री मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर भी विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के करीब है। उन्होंने मानसून सत्र को विकास, नवाचार और जनकल्याण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताते हुए उम्मीद जताई कि यह सत्र अनेक ऐतिहासिक फैसलों का साक्षी बनेगा।
विपक्ष ने उठाए सवाल, जयराम रमेश का तंज
सत्र शुरू होने से ठीक पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री हर बार मीडिया के सामने वही पुरानी, खोखली बातें दोहराते हैं, जबकि संसद में उनकी मौजूदगी न के बराबर होती है। रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री वर्ष में केवल एक बार, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान ही बोलते हैं।
विदेशी दौरों पर भी सवाल
जयराम रमेश ने पीएम के आगामी विदेशी दौरे को लेकर भी तंज कसते हुए कहा कि 48 घंटे के भीतर देश के ‘फ्रीक्वेंट फ्लायर’ प्रधानमंत्री एक और दौरे पर निकल जाएंगे, जबकि मणिपुर जैसे संवेदनशील राज्यों की जनता अब भी सरकार से समाधान की उम्मीद में है।
21 बैठकें, सरकार-विपक्ष आमने-सामने
21 जुलाई से 21 अगस्त तक चलने वाले इस मानसून सत्र में कुल 21 बैठकें प्रस्तावित हैं। सरकार की योजना कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश करने की है, जबकि विपक्ष की रणनीति मणिपुर हिंसा, बेरोजगारी, महंगाई, रक्षा नीति और विदेश मामलों जैसे विषयों पर सरकार को घेरने की है।