धनबाद। शहर में आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसने के प्रयास में धनबाद पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को गिरोह से जुड़े 9 शूटरों को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई को जिले की अब तक की सबसे अहम गैंगस्टर पकड़ के तौर पर देखा जा रहा है।
गिरफ्तार शूटरों की पहचान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सरायकेला-खरसावां के मोहम्मद अहसान अंसारी, पूर्वी सिंहभूम के अजय काडेयांग, सरायकेला के बबलू काडेयांग और पिंटू लोहार सहित अन्य शूटरों के रूप में हुई है। सभी आरोपियों को दंडाधिकारी आरती माला की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
भारी मात्रा में हथियार और सामान बरामद
धनबाद पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 देसी कट्टा, 27 जिंदा कारतूस, 4 मोटरसाइकिल और 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान सभी आरोपियों ने न केवल अपने अपराध स्वीकार किए, बल्कि गिरोह के कई गुप्त अभियानों और ऑपरेशनल नेटवर्क की जानकारी भी दी।
मोटी सुपारी और बड़ा मिशन
पूछताछ में सामने आया कि पिंटू लोहार को मोहम्मद अहसान ने मोटी रकम का लालच देकर धनबाद बुलाया था। मार्च-अप्रैल में वह शहर पहुंचा और उसे खास “टारगेट” के बारे में जानकारी दी गई। हालांकि वह किसी कारणवश शहर छोड़कर चला गया था, लेकिन फिर 23 जून को लौटकर उसने सैफ अली उर्फ मुन्ना खान से हथियार और ब्लैक पल्सर बाइक प्राप्त की।
बताया गया कि गिरोह के सरगना प्रिंस खान और गोपी खान ने इस मिशन को पूरा करने पर एक-एक लाख रुपये की सुपारी देने का वादा किया था।
गुप्त सूचना के बाद गिरफ्तारी
गिरफ्तारी के वक्त आरोपी अपने अन्य साथियों से मुलाकात की तैयारी में थे। पुलिस को पहले से ही गुप्त सूचना मिल चुकी थी, जिसके आधार पर एक रणनीतिक घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा गया।
संगठित नेटवर्क का खुलासा
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह पूरा नेटवर्क प्रिंस खान और गोपी खान की अगुवाई में चलाया जा रहा था। हथियारों की आपूर्ति सैफ अली उर्फ मुन्ना खान के माध्यम से की जाती थी, जो गैंग का एक प्रमुख कड़ी है। पुलिस ने इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आगे की जांच तेज कर दी है और अन्य फरार साथियों की तलाश भी जारी है।