झारखंड शराब घोटाला: एसीबी जांच में सामने आया 448 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का मामला
Liquor Scam Probe Jharkhand:
झारखंड में कथित शराब घोटाले को लेकर चल रही एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसी की ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राज्य में शराब की होलसेल आपूर्ति से जुड़ी कंपनियों की लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के कारण सरकार को लगभग 448 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान उठाना पड़ा है।
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होलसेल सप्लाई व्यवस्था में गंभीर खामियां उजागर
एसीबी की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि शराब आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया। कई मामलों में समय पर सप्लाई नहीं की गई, जबकि अनेक स्थानों पर तय मात्रा से कम शराब की आपूर्ति की गई। इन अनियमितताओं के कारण न केवल बाजार में शराब की उपलब्धता प्रभावित हुई, बल्कि सरकारी खजाने को भी भारी नुकसान हुआ।
ठेका प्रक्रिया के बाद भी नियमों की अनदेखी
जांच में यह भी सामने आया है कि ठेका मिलने के बावजूद संबंधित कंपनियों की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में रही। नियमों के अनुसार आपूर्ति और वितरण की निगरानी नहीं होने से व्यवस्था कमजोर हुई, जिसका सीधा असर राज्य के राजस्व संग्रह पर पड़ा।
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आपूर्ति में देरी और कम मात्रा से बढ़ा घाटा
एसीबी के अनुसार, बार-बार आपूर्ति में देरी और कम मात्रा में शराब उपलब्ध कराए जाने से बाजार में असंतुलन पैदा हुआ। इससे सरकार को अपेक्षित उत्पाद शुल्क और अन्य करों की वसूली नहीं हो सकी। जांच एजेंसी का मानना है कि यदि तय नियमों का सख्ती से पालन किया गया होता, तो इतना बड़ा आर्थिक नुकसान टाला जा सकता था।
जांच जारी, आगे और खुलासों की संभावना
फिलहाल एसीबी पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।