हजारीबाग, 23 जून — झारखंड में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब भीड़भाड़ वाले बाजारों में दिनदहाड़े फायरिंग भी आम हो गई है। हजारीबाग के बाड़म बाजार चौक पर रविवार दोपहर 2 बजे श्री ज्वेलर्स नामक दुकान पर नकाबपोश बाइक सवार अपराधियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
पुलिस के अनुसार, करीब 7 राउंड फायरिंग हुई, जिससे दुकान के बाहर लगे कांच बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस जांच कर रही है। लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
वीडियो में खुलेआम धमकी: “जो कॉल इग्नोर करेगा, वो गोली खाएगा”
घटना के कुछ घंटों बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक युवक — जो खुद को कुख्यात अपराधी उत्तम यादव बताता है — खुलेआम हथियार लहराते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ले रहा है।
वीडियो में उसे यह कहते सुना जा सकता है:
“जो कॉल इग्नोर करेगा, वो गोली खाएगा”
साथ ही हजारीबाग और चतरा के व्यापारियों को लेवी (जबरन वसूली) चुकाने की धमकी भी दी गई है।
राज्यभर में बढ़ता अपराध, सवालों के घेरे में झारखंड पुलिस
हजारीबाग की घटना कोई पहली या अकेली नहीं है। बीते कुछ सप्ताहों में गिरिडीह, धनबाद, और रांची जैसे इलाकों में भी अमन साहू गिरोह और अन्य अपराधियों द्वारा व्यापारियों को धमकी दिए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
अब सवाल उठता है:
- क्या झारखंड की पुलिस अपराधियों से डरने लगी है?
- क्या खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल हो चुका है?
- क्या ‘जांच जारी है’ कहने भर से कानून व्यवस्था चल सकती है?