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उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी पहुँचे गुड़ाबांदा के सुदूर कोलाबाड़िया टोला, ग्रामीणों से सीधा संवाद कर जानी समस्याएं

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बाइक और पैदल सफर तय कर दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र का निरीक्षण, योजनाओं के शीघ्र निष्पादन का दिया निर्देश

गुड़ाबांदा | संवाददाता रिपोर्ट

गुड़ाबांदा प्रखंड के सुदूरवर्ती और दुर्गम फॉरेस्ट ब्लॉक गांव कोलाबाड़िया टोला में जिले के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बाइक व पैदल यात्रा कर पहुंचकर जनसंपर्क और समस्याओं की पड़ताल की गुड़ाबांदा प्रखंड के सुदूर और दुर्गम फॉरेस्ट ब्लॉक गांव कोलाबाड़िया टोला में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने आज बाइक और पैदल यात्रा कर पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और जमीनी समस्याओं को नजदीक से जाना। चारों तरफ पहाड़ों से घिरे इस क्षेत्र में पहुंचना आसान नहीं, फिर भी प्रशासनिक दल ने संकल्प और संवेदनशीलता के साथ यह यात्रा पूरी की, जिससे ग्रामीणों में विश्वास और उत्साह की लहर दौड़ गई। यह टोला चारों ओर से पहाड़ों से घिरा हुआ है, जहां पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है, लेकिन उपायुक्त की यह यात्रा ग्रामीणों के लिए नई उम्मीद लेकर आई।

ग्रामीणों से सीधा संवाद – गिनाई समस्याएं

उपायुक्त ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना। प्रमुख समस्याओं में शामिल थे:

  • पहुंच पथ की कमी
  • बिजली और पेयजल की समस्या
  • प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिलना
  • स्थायी आंगनबाड़ी केंद्र की मांग
  • बच्चों और माताओं के पोषण की व्यवस्था

मौके पर ही दिए निर्देश

उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने मौके पर मौजूद संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द कार्रवाई में लाया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी और समयबद्ध हो ताकि ग्रामीणों को वास्तविक लाभ मिल सके।

साथ ही, उन्होंने ग्रामीणों को कृषि, पशुपालन और आजीविका मिशन से जोड़ने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।

विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण

उपायुक्त ने कोलाबाड़िया टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय और अस्थायी आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से संवाद कर पठन-पाठन की स्थिति, उपस्थिति और पाठ्य सामग्री की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों से भी क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा की।

“बच्चों को नियमित स्कूल आने और मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया गया है।” — उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी

सामुदायिक सहभागिता पर दिया जोर

उपायुक्त ने ग्रामीणों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय सहभागी बनें और अपनी समस्याओं को पंचायत और प्रखंड स्तर पर समय-समय पर साझा करें। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि “अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचे।”

अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

इस अवसर पर घाटशिला के अनुमंडल पदाधिकारी सुनील चंद्र, प्रखंड विकास पदाधिकारी डांगुर कोड़ाह, स्थानीय पंचायत जनप्रतिनिधि एवं अन्य विभागीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।