रांची, 1 अगस्त: राज्य में 9 से 11 अगस्त तक आयोजित होने वाले आदिवासी महोत्सव 2025 की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव अलका तिवारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और आयोजन से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा की गई।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) के विशेष सचिव राजीव लोचन बख्शी ने महोत्सव की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि पहले दिन की शुरुआत “रीझ-रंग रसिका” कार्यक्रम से होगी, जो पारंपरिक सांस्कृतिक वैभव और आधुनिक प्रस्तुति का समन्वय होगा।
बख्शी ने बताया कि मंच को इस तरह से सजाया जाएगा कि वह आदिवासी अस्मिता, झारखंड की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक झारखंड की तस्वीर को प्रभावशाली रूप से दर्शाए। महोत्सव में पारंपरिक नृत्य, संगीत, आदिवासी भोजन, हस्तशिल्प, वेशभूषा और तकनीक का जीवंत संगम देखने को मिलेगा।
प्रमुख आकर्षण होंगे:
जनजातीय नृत्य एवं गीत-संगीत
पारंपरिक भोजन और हस्तशिल्प प्रदर्शनी
सांस्कृतिक प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक का प्रयोग
राज्य की आदिवासी जीवनशैली की जीवंत झलक
आदिवासी महोत्सव राज्य की विविधता, परंपरा और आत्म-सम्मान का प्रतीक है। प्रशासन का प्रयास है कि यह आयोजन न सिर्फ राज्य के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक उदाहरण बने।