चाकुलिया: पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड अंतर्गत बर्डीकानपुर–कालापाथरा पंचायत में पश्चिम बंगाल सीमा से सटे जामिरा पहाड़ पर रविवार को पारंपरिक सेंदरा पर्व मनाया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पारंपरिक हथियारों के साथ पहाड़ पर एकत्र हुए।
परंपरा के तहत जुटे सेंदरा वीर
स्थानीय परंपरा के अनुसार हर वर्ष इस पर्व पर ग्रामीण समूह बनाकर पहाड़ पर जाते हैं। सेंदरा के दौरान आमतौर पर छोटे वन्य जीवों का शिकार किया जाता है। इस क्षेत्र में मोर, जंगली सूअर, वन मुर्गी और खरगोश जैसे कई वन्य प्राणी पाए जाते हैं।
वन विभाग की सतर्कता, शिकार पर रोक
वन विभाग की टीम सुबह से ही मौके पर तैनात रही। अधिकारियों ने ग्रामीणों को वन्य जीवों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के महत्व के बारे में समझाया।
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वन विभाग की अपील का असर भी देखने को मिला, जहां कई लोग बिना शिकार किए ही वापस लौट गए।
जागरूकता से बदला माहौल
अधिकारियों ने बताया कि सेंदरा जैसे पारंपरिक आयोजनों में अब जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वन विभाग की टीम में वनरक्षी अनूप बेरा, भादूराम सोरेन सहित अन्य कर्मी मौजूद थे।