चाकुलिया संवाददाता (रोहन सिंह) :
चाकुलिया वन क्षेत्र अंतर्गत कालियाम पंचायत के राजाबासा साल जंगल में बुधवार को परंपरागत सेंदरा (शिकार) को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। राजाबासा तालाब के आसपास सैकड़ों लोग पारंपरिक हथियार जैसे तीर-धनुष, भाला, बरछा और कुल्हाड़ी के साथ जुटे, जिससे क्षेत्र में मेले जैसा माहौल देखने को मिला।

इस दौरान वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और सेंदरा परंपरा के नाम पर वन्य जीवों के शिकार को रोकने के लिए लगातार लोगों को समझाने का प्रयास करती रही। विभाग के अधिकारियों और कर्मियों ने कई लोगों को जंगल में प्रवेश करने से रोका और उन्हें शिकार नहीं करने के लिए जागरूक करते हुए वापस लौटाया।

जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में हर वर्ष निर्धारित तिथि पर सेंदरा की परंपरा निभाई जाती है। जंगल में जंगली सूअर, मोर, खरगोश और वन मुर्गी जैसे कई वन्य जीव पाए जाते हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर वन विभाग विशेष रूप से सतर्क रहता है।
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वन विभाग ने एक दिन पहले ही आसपास के गांवों में माइक के माध्यम से प्रचार-प्रसार कर लोगों से शिकार नहीं करने की अपील की थी। इसके बावजूद, सुबह होते ही विभिन्न गांवों से लोग पारंपरिक हथियारों के साथ जंगल की ओर पहुंचने लगे।
मौके पर वन विभाग की क्विक रिस्पॉन्स टीम के साथ प्रभारी वनपाल कल्याण महतो सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे, जिन्होंने स्थिति पर नजर बनाए रखी। विभाग के अनुसार, अधिकांश लोगों को समझाकर वापस भेज दिया गया और किसी बड़े स्तर पर शिकार की पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल, वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर सख्ती बरती जाएगी और इस तरह की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।