बहरागोड़ा। संवाददाता
पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत बरसोल क्षेत्र में 23 मार्च को एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ‘डॉ. राममनोहर लोहिया चैतन्यता एवं कौशल विकास केंद्र’ का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया जाएगा। यह कार्यक्रम महान समाजवादी चिंतक डॉ. राममनोहर लोहिया की 116वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन को क्षेत्र के विकास और युवाओं के भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा।
यह पहल केवल एक भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे समाज के व्यापक हित और ग्रामीण स्वावलंबन की सोच जुड़ी हुई है। डॉ. लोहिया के विचारों को आगे बढ़ाते हुए इस केंद्र के माध्यम से युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि वे रोजगार के नए अवसर प्राप्त कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
बताया जा रहा है कि यह परियोजना डॉ. राममनोहर लोहिया और समाजसेवी बदरीविशाल पित्ती द्वारा देखे गए ग्रामीण विकास और स्वावलंबन के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वर्षों पहले जो सोच रखी गई थी, उसे अब धरातल पर उतारने की दिशा में यह प्रयास किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में झारखंड सरकार के उद्योग एवं कौशल विकास मंत्री संजय प्रसाद यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं पूर्व मंत्री दिनेश कुमार षड़ंगी उद्घाटनकर्ता की भूमिका में रहेंगे और कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश टी. गोपाल सिंह द्वारा की जाएगी। इन प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति इस आयोजन को और भी विशेष बना रही है।
कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया रिसर्च फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है। फाउंडेशन के अध्यक्ष अभिषेक रंजन सिंह के नेतृत्व में इस कार्यक्रम की तैयारियां की जा रही हैं। इस संस्था का उद्देश्य समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाना और शिक्षा तथा कौशल विकास के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।
प्रस्तावित कौशल विकास केंद्र का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना भी है। यहां विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में अवसर मिल सकें। इससे पलायन की समस्या को भी कम करने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा, इस केंद्र में शोध कार्य को बढ़ावा देने के लिए एक आधुनिक पुस्तकालय की भी स्थापना की जाएगी। यह पुस्तकालय न केवल विद्यार्थियों के लिए बल्कि शोधकर्ताओं के लिए भी उपयोगी होगा, जहां वे अध्ययन और अनुसंधान से संबंधित सामग्री प्राप्त कर सकेंगे। इस प्रकार यह केंद्र शिक्षा और कौशल दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
डॉ. राममनोहर लोहिया के विचार हमेशा से समाज में समानता, न्याय और स्वावलंबन पर आधारित रहे हैं। उनके निधन के लगभग 59 वर्षों बाद उनके इन विचारों को साकार करने के लिए इस तरह की पहल की जा रही है, जो निश्चित रूप से समाज के लिए प्रेरणादायक है।
इस कार्यक्रम में कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों के शामिल होने की भी जानकारी दी गई है। इनमें विधायक समीर मोहंती, सरयू राय, रामचंद्र केसरी, ओडिशा के पूर्व मंत्री प्रवीण चंद्र भंजदेव, साहित्यसेवी संदीप मुरारका सहित देशभर के कई समाजवादी विचारक और बुद्धिजीवी शामिल होंगे। इनकी उपस्थिति कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप प्रदान करेगी।
स्थानीय लोगों में भी इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि इस केंद्र के शुरू होने से क्षेत्र के युवाओं को नई दिशा मिलेगी और वे अपने कौशल के आधार पर बेहतर भविष्य बना सकेंगे।
कुल मिलाकर, बहरागोड़ा के बरसोल क्षेत्र में स्थापित होने जा रहा यह कौशल विकास केंद्र केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। यह पहल आने वाले समय में युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी और डॉ. लोहिया के विचारों को व्यवहारिक रूप में आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगी।