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टी.पी.एस. डीएवी पब्लिक स्कूल बहरागोड़ा में गोवा मुक्ति दिवस पर भव्य परिसंवाद

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बहरागोड़ा स्थित टी.पी.एस. डीएवी पब्लिक स्कूल परिसर में गोवा मुक्ति दिवस के अवसर पर एक भव्य, विचारोत्तेजक परिसंवाद एवं फिल्म प्रदर्शन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को गोवा मुक्ति संग्राम के ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराना तथा उनमें राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का विकास करना था। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत स्वागत गीत और मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए।

परिसंवाद के मुख्य अतिथि गोवा के प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं साहित्य अकादमी सम्मान से सम्मानित डॉ. नारायण देसाई रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश कुमार षड़ंगी ने की। विद्यालय की अध्यक्षा डॉ. श्रीमती बिनी षड़ंगी, हिमाचल प्रदेश में सात्विक क्रांति के सूत्रधार श्री अव्यक्त जी, डॉ. राममनोहर लोहिया रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष अभिषेक रंजन सिंह, कोलकाता के प्रसिद्ध लेखक-पत्रकार अमिताभ चक्रवर्ती, रिसर्च फाउंडेशन के सचिव राजकुमार रूंगटा सहित बहरागोड़ा कॉलेज एवं बहरागोड़ा उच्च विद्यालय के प्राचार्य विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

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परिसंवाद के दौरान डॉ. राममनोहर लोहिया के नेतृत्व में चले गोवा मुक्ति आंदोलन की पृष्ठभूमि, संघर्ष और 19 दिसंबर 1961 को गोवा की मुक्ति की ऐतिहासिक घटना पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने इस आंदोलन के राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को रेखांकित किया।

कार्यक्रम में गोवा मुक्ति संग्राम पर आधारित ऐतिहासिक डॉक्यूमेंट्री फिल्म 18 जून 1946 का प्रदर्शन किया गया। फिल्म देखकर विद्यार्थियों ने उस दौर के संघर्ष, त्याग और बलिदान को करीब से महसूस किया। इस प्रस्तुति ने छात्रों के मन में गहरी छाप छोड़ी और इतिहास को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

मुख्य अतिथि डॉ. नारायण देसाई ने अपने संबोधन में कहा कि गोवा मुक्ति संग्राम भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने विद्यार्थियों से इतिहास से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया और कहा कि कर्तव्यों व मूल्यों को समझने वाला युवा ही देश को आगे बढ़ा सकता है।

विशिष्ट अतिथि श्री अव्यक्त जी ने सात्विक जीवन, नैतिकता और राष्ट्र सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सच्ची स्वतंत्रता तभी सार्थक होती है जब समाज नैतिक और संस्कारवान बने। उनके विचारों से उपस्थित जनसमूह विशेष रूप से प्रभावित हुआ।

डॉ. राममनोहर लोहिया रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष अभिषेक रंजन सिंह ने कहा कि गोवा लगभग 450 वर्षों तक पुर्तगाली दासता में रहा, लेकिन आज की युवा पीढ़ी को गोवा मुक्ति आंदोलन की समुचित जानकारी नहीं है। उन्होंने सरकार से इतिहास के पाठ्यक्रम में गोवा मुक्ति संग्राम को विस्तार से शामिल करने की मांग की।

झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश कुमार षड़ंगी ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक एवं ऐतिहासिक कार्यक्रम छात्रों में देशप्रेम, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने छात्रों की सांस्कृतिक गतिविधियों और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए तारापद सरोजनी ट्रस्ट की ओर से 2 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा भी की।

विद्यालय के प्राचार्य मुकेश कुमार ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों में देशप्रेम, राष्ट्रीय चेतना और इतिहास के प्रति जागरूकता विकसित करते हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की ओर से सभी अतिथियों को सम्मानित कर आभार व्यक्त किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम सफल, प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक रहा, जिसने विद्यार्थियों में देशभक्ति और देशसेवा की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।