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देवघर को तकनीकी क्रांति का तोहफा, पूर्वी भारत का पहला क्वांटम कंप्यूटिंग सेंटर यहीं होगा स्थापित

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देवघर। संवाददाता: झारखंड के देवघर में तकनीकी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल होने जा रही है। यहां पूर्वी भारत का पहला और देश का तीसरा सुपर कंप्यूटर व क्वांटम कंप्यूटिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह सेंटर पुणे और बेंगलुरु के बाद भारत का तीसरा केंद्र होगा और इसकी स्थापना सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI) के परिसर में की जाएगी।

150 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी हब

इस परियोजना पर करीब ₹150 करोड़ की लागत आएगी। इसका उद्देश्य उभरती तकनीकों जैसे क्वांटम कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स, IoT, AI और साइबर सुरक्षा में युवाओं को प्रशिक्षण देना है। इससे न केवल झारखंड बल्कि बिहार, बंगाल और पूरे पूर्वी भारत के छात्रों को वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा।

1.35 लाख युवाओं को मिलेगा डिजिटल प्रशिक्षण

यह सेंटर C-DAC (Centre for Development of Advanced Computing) और STPI के संयुक्त प्रयास से संचालित होगा और लगभग 1.35 लाख युवाओं को तकनीकी दक्षता प्रदान करेगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की आईटी कंपनियों में रोजगार प्राप्त करने में सक्षम होंगे।

सांसद निशिकांत दुबे ने साझा की जानकारी

देवघर से सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने बताया,
“यह सेंटर केवल देवघर के लिए नहीं, बल्कि पूरे झारखंड और बिहार के लिए तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक अवसर है। इससे पूर्वी भारत के युवाओं को ग्लोबल टेक इंडस्ट्री में भाग लेने की नई दिशा मिलेगी।”

उन्होंने यह भी बताया कि इस परियोजना का प्रस्ताव इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को सौंपा गया था, जिसे केंद्र सरकार की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।

किन तकनीकों पर होगा प्रशिक्षण?

Quantum Computing (क्वांटम कंप्यूटिंग)

Internet of Things (IoT)

Robotics (रोबोटिक्स)

Artificial Intelligence & Machine Learning (AI & ML)

Cyber Security (साइबर सुरक्षा)

E-Learning Platforms (ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म)