बहरागोड़ा संवाददाता (निलेश बेरा):
पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश ने पूर्वी सिंहभूम जिले के कई क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण बहरागोड़ा प्रखंड के कई गांवों में पानी भर गया है और लोग दहशत में हैं। प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाना शुरू कर दिया है।
गुरुवार को बहरागोड़ा के बनकाटा और पाटपुर गांव में प्रखंड विकास पदाधिकारी केशव भारती ने भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुए घरों के प्रभावित परिवारों को तिरपाल और सुखा राशन वितरित किया। साथ ही प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि आपदा के समय तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
बढ़ते जलस्तर से ग्रामीणों में दहशत
गुहियापाल, डींगाशाई, चड़कमारा, मधुआबेड़ा, बामडोल, महुलडांगरी, पाथरी, पानीपड़ा, चित्रेस्वर और पाचांडो जैसे नदी किनारे बसे गांवों में स्वर्णरेखा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। बुधवार और गुरुवार को हुई लगातार बारिश के कारण नदी एक किनारे से दूसरे किनारे तक भर चुकी है।
घाटों पर सन्नाटा, प्रशासन अलर्ट पर
स्वर्णरेखा नदी में तेज बहाव के कारण नदी घाटों पर सन्नाटा छा गया है। हालांकि शुक्रवार सुबह से बारिश थमी हुई है, लेकिन नदी की तेज धारा ने ग्रामीणों को सतर्क कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए फिर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
प्रशासन की सतत निगरानी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंचलाधिकारी राजाराम सिंह मुंडा, बहरागोड़ा थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा, बडशोल थाना प्रभारी चंदन कुमार यादव तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने आपदा से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं और ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदियों और नालों के किनारे जाने से बचें।