बहरागोड़ा संवाददाता (निलेश बेरा):
शनिवार को बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र में 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह और अनुशासन के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया और योग के महत्व को समझते हुए उसका अभ्यास किया।
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, इचडाशोल में भव्य आयोजन
इचडाशोल मौजा स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के प्रांगण में सुबह के समय योग दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी विद्यार्थी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, कार्यालय प्रमुख, सेवक-सेविका और कार्यकारिणी समिति के सदस्य मौजूद रहे।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक कुमार नायेक ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “योग वह माध्यम है जिससे हम निरोग, दीर्घायु और मानसिक रूप से संतुलित जीवन जी सकते हैं। आज पूरा विश्व योग को अपना चुका है और यह भारत की प्राचीन परंपरा का गौरव है।”
कार्यक्रम का संचालन दर्प नारायण बेरा, पार्थ सारथी साउ और प्रदीप साव ने किया। उन्होंने ध्यान, व्यायाम, योग और प्राणायाम का प्रदर्शन कर उनके लाभ भी समझाए।
योगाभ्यास में अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका, कपालभाति, भ्रामरी, शीतली प्राणायाम समेत वृक्षासन, ताड़ासन, चक्रासन, सूर्य नमस्कार आदि शामिल थे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया।
मानुषमुडिया में भी हुआ आयोजन
इधर बहरागोड़ा के मानुषमुडिया गांव स्थित विवेकानंद सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में भी योग दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानाचार्य सुजल भोल ने किया। इस मौके पर शिक्षक कोच्चि बंद, स्वपन मन्ना, सुशील बेरा, पूर्णिमा साव, निरंजन मंडल, दिनेश महतो, मीनाक्षी मंडल, चंचल मंडल, मुनमुन शाह, सुब्रत साधु और अनूप बंद उपस्थित थे।