रांची, संवाददाता
राजधानी रांची में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। हाल के दिनों में महिला सुरक्षा को लेकर शहर में लगातार उठ रहे सवालों और घटनाओं के मद्देनज़र अब ट्रैफिक पुलिस ने नई गश्ती व्यवस्था लागू की है। यह कदम उस वक्त उठाया गया जब बीते 30 मई को राजधानी के चान्हों थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था।
शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक चलेगी बाइक पेट्रोलिंग
ट्रैफिक एसपी कैलाश करमाली के निर्देश पर अब रांची ट्रैफिक पुलिस की बाइक पेट्रोलिंग टीम रोजाना शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक शहर की सड़कों पर तैनात रहेगी। यह टीम खासतौर पर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थानों पर सक्रिय रहेगी। उन महिलाओं और युवतियों पर विशेष नजर रखी जाएगी जो अकेले ऑटो, ई-रिक्शा या कैब में सफर कर रही होंगी।
अगर किसी वाहन या चालक पर संदेह होता है, तो ट्रैफिक पुलिस उस वाहन को रोकेगी और चालक तथा महिला यात्री – दोनों के नंबर रजिस्टर में दर्ज करेगी। साथ ही, महिला यात्रियों को ट्रैफिक पुलिस का संपर्क नंबर भी दिया जाएगा ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए नई गाइडलाइन
महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए नई और सख्त गाइडलाइन भी लागू की है। इसके तहत:
ऑटो चालकों को खाकी वर्दी और ई-रिक्शा चालकों को नीली वर्दी पहननी होगी।
वर्दी पर चालक का नाम स्पष्ट रूप से अंकित होना जरूरी होगा।
जो चालक वर्दी नहीं पहनेंगे, उनके खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी।
सभी चालकों को हर महीने काउंसेलिंग सेशन में शामिल होना होगा।
हर वाहन पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 और संबंधित ट्रैफिक पुलिस अधिकारी का मोबाइल नंबर साफ-साफ लिखा होना अनिवार्य होगा।
घटनाक्रम जिसने प्रशासन को झकझोरा
30 मई को रांची के चान्हों थाना क्षेत्र के चौड़ा गांव के जंगल में ऑटो चालकों द्वारा एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई थी। लड़की दिल्ली जाने के लिए अपने गांव से निकली थी और हटिया स्टेशन पहुंची थी। वहां से वह गुमला जाने के लिए ऑटो में बैठी। इसी दौरान ऑटो चालक विनय कुमार साव ने उसे सीधे घर पहुंचाने की बात कहकर रास्ते में अपने चार दोस्तों को बैठा लिया।
इसके बाद आरोपी लड़की को चान्हों थाना क्षेत्र के एक जंगल में ले गए, जहां सभी ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया। अगले दिन पीड़िता को मुरगू गांव में एक होटल के पास छोड़कर आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने पीड़िता के बयान पर एफआईआर दर्ज की और त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को हुरहुरी से गिरफ्तार कर लिया।
इस जघन्य घटना के बाद स्थानीय आदिवासी संगठनों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिससे दबाव में आकर पुलिस प्रशासन को महिला सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने पड़े।
ट्रैफिक पुलिस की बैठक में लिया गया निर्णय
घटना के बाद ट्रैफिक एसपी कैलाश करमाली ने सभी ट्रैफिक जवानों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में महिला सुरक्षा को लेकर मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा की गई और उसे और सख्त बनाने का फैसला लिया गया। इसी बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब किसी भी ऑटो या कैब में अकेली महिला यात्री को लेकर विशेष नजर रखी जाएगी और ऐसी स्थिति में गश्ती दल उस वाहन की जांच करेगा।
निष्कर्ष: कब आएगा असर?
फिलहाल, ट्रैफिक पुलिस का यह कदम स्वागतयोग्य है और इससे रांची की सड़कों पर महिला यात्रियों को न केवल सुरक्षा का अहसास होगा, बल्कि आपराधिक घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नई व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है और इससे महिला सुरक्षा के आंकड़ों में कितनी वास्तविक सुधार आता है।