जमशेदपुर | 28 जून 2025
झारखंड में लगातार हो रही बारिश का असर शुक्रवार को टाटानगर रेलवे यार्ड में देखने को मिला, जहां भारी जलजमाव के चलते मालगाड़ियों के परिचालन में दिक्कतें आईं। हालांकि, यात्री ट्रेनों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा, जिससे यात्रियों ने राहत की सांस ली।
जलजमाव की सूचना मिलते ही दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया स्वयं टाटानगर पहुंचे और स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया। यार्ड में रेलकर्मी मोटर पंपों की सहायता से जल निकासी में जुटे रहे।
जल निकासी के निर्देश, स्थायी समाधान की तैयारी
निरीक्षण के बाद डीआरएम हुरिया ने संबंधित स्टेशन इंजीनियर को जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु त्वरित योजना बनाने के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार, लोको कॉलोनी की ओर से बहता पानी यार्ड की रेल लाइनों पर जमा हो गया था, जिससे मालगाड़ियों की मूवमेंट बाधित हुई।
पिछले सप्ताह भी हुआ था बड़ा असर
यह पहली बार नहीं है जब टाटानगर यार्ड जलजमाव की चपेट में आया है। 19 जून को भी भारी बारिश के कारण यार्ड की लाइनों पर घुटनेभर पानी जमा हो गया था, जिसके कारण मुंबई और अहमदाबाद रूट की कई ट्रेनें रद्द करनी पड़ी थीं या परिवर्तित मार्ग से चलाई गई थीं। तब दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक को झारसुगुड़ा निरीक्षण छोड़कर टाटानगर यार्ड का दौरा करना पड़ा था।
रेल कर्मचारियों के अनुसार, यार्ड में जलजमाव की समस्या लोको क्रॉसिंग के नीचे बने अंडरब्रिज के निर्माण के बाद से लगातार बनी हुई है। इससे पहले यार्ड में इस प्रकार की समस्या नहीं होती थी।
फिलहाल परिचालन सामान्य, पर चिंता कायम
शुक्रवार की दोपहर बाद यार्ड की लाइनों से जल निकासी के बाद मालगाड़ियों का परिचालन सामान्य कर दिया गया, लेकिन इंजीनियरिंग विभाग अभी भी इस recurring समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रयासरत है।
मुख्य बिंदु:
स्थान: टाटानगर रेलवे यार्ड, जमशेदपुर
समस्या: भारी बारिश से जलजमाव, मालगाड़ियों की मूवमेंट प्रभावित
प्रभाव: यात्री ट्रेनें प्रभावित नहीं, लेकिन रेलकर्मियों को हुई परेशानी
कार्रवाई: डीआरएम का निरीक्षण, जल निकासी शुरू, स्थायी समाधान पर ज़ोर
पृष्ठभूमि: 19 जून को भी हुआ था बड़ा अवरोध, कई ट्रेनों को किया गया था रद्द या डायवर्ट
