अबुआ ख़बर डेस्क: जमशेदपुर वन प्रमंडल के चाकुलिया रेंज में अकाशिया के वनों का सफाया युद्ध स्तर पर हो रहा है। इससे हाथियों समेत अन्य वन्य प्राणियों में भगदड़ मची है। दिन दहाड़े हो रही प्रतिबंधित अकाशिया के पेड़ों की अवैध कटाई से अकाशिया के जंगल मैदान बन रहे हैं। वहीं रैयती जमीन पर भी अकाशिया के पेड़ों की कटाई हो रही है। काटे गये आकाशिया के पेड़ों की लकड़ियों को छोटे वाहनों से साबुन कारखानों में पहुंचाया जा रहा है। साबुन के निर्माण में जलावन के रूप में इसका प्रयोग होता है। वहीं अवैध महुआ शराब के निर्माण में भी इसी पेड़ की लकड़ियों का उपयोग हो रहा है। यहां के कई साबुन कारखानों में अकाशिया के अवैध लकड़ियों का भंडार है। परंतु वन विभाग के पदाधिकारी तमाशा देख रहे हैं। इससे वन विभाग के पदाधिकारियों पर भी शक की उंगलियां उठ रही हैं।

चाकुलिया के बड़ामारा पंचायत स्थित मौरबेड़ा में सड़क के किनारे भगवान बिरसा मुंडा की मूर्ति के पास कई हेक्टयर में फैला अकाशिया का जंगल पेड़ों की अवैध कटाई से मैदान बन गया है। वहीं अन्य कई इलाकों के जंगलों में अकाशिया के पेड़ों की अवैध कटाई हो रही है। जंगलों में आरी से काटे गए हजारों अकाशिया के पेड़ों के ठूंठ इस बात के गवाह हैं। इससे अकाशिया का जंगल मैदान बनता जा रहा है। प्रत्येक दिन खुलेआम 10 से 15 पीक अप वैन लकड़ियां साबुन कारखानों में पहुंचाई जा रही हैं। साबुन कारखानों में ईंधन के रूप में प्रतिबंध अकाशिया की लकड़ियों का उपयोग हो रहा है।
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दिन दहाड़े पेड़ों की कटाई कर पीक अप वैन या फिर अन्य छोटे वाहनों से साबुन कारखानों में पहुंचाया जा रहा है। जंगलों के आसपास संचालित अवैध शराब की भट्ठियों में महुआ शराब के निर्माण में जलावन के रूप में इसी पेड़ की लकड़ी का उपयोग होता है। पुलिसिया छापेमारी में कई मौके पर इसका खुलासा भी हुआ है। शराब भट्ठियों के पास बड़ी मात्रा में अवैध लकड़ियां पायी गयी हैं। विदित हो कि अकाशिया प्रतिबंध प्रजाति का पेड़ है। रैयत जमीन पर इसके पातन और परिवहन के लिए अंचल कार्यालय से जमीन का अनापत्ति प्रमाण पत्र और वन विभाग से पातन और परिवहन का आदेश लेना पड़ता है।
परिवहन के लिए वन विभाग ट्रांजिट परमिट निर्गत करता है। विदित हो कि चाकुलिया में करीब डेढ़ दर्जन छोटे और बड़े साबुन के कारखाने हैं। अधिकांश साबुन कारखानों में जलावन के रूप में अवैध लकड़ियों का उपयोग होता है। सूत्रों का कहना है कि अगर वन विभाग साबुन कारखानों में छापामारी करे तो भारी मात्रा में अकाशिया की अवैध लकड़ियां बरामद होंगी।
चाकुलिया रेंज रेंजर दिग्विजय सिंह ने कहा कि बहुत से साबुन कारखानों में लकड़ी के लिए रजिस्टर्ड डिपो हैं। इस मामले में साबुन कारखानों में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।