पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल, टीएमसी के भीतर बढ़ी अंदरूनी खींचतान
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर असंतोष की खबरों ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। पार्टी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के इर्द-गिर्द कई विधायकों के जुटने की अटकलों के बीच विपक्ष और सियासी विश्लेषकों की नजरें राज्य के बदलते राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हुई हैं।
सूत्रों के अनुसार, कुछ असंतुष्ट विधायक पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली से नाराज बताए जा रहे हैं। चर्चा है कि एक समूह विधानसभा में अपनी अलग पहचान बनाने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि कुछ विधायक विधानसभा अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस बीच भाजपा नेताओं ने दावा किया है कि टीएमसी के भीतर लंबे समय से चल रहा असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। भाजपा का कहना है कि पार्टी के अंदर कई स्तरों पर मतभेद बढ़ रहे हैं, जिसका असर आने वाले दिनों में दिखाई दे सकता है।
वहीं टीएमसी नेतृत्व ने इन अटकलों को गंभीरता से नहीं लिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि अधिकांश विधायक पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़े हैं। उनका दावा है कि कुछ राजनीतिक बयानबाजी के आधार पर पार्टी में किसी बड़े विभाजन की बात करना जल्दबाजी होगी।
दूसरी ओर, ऋतब्रत बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया कि उनकी कुछ विधायकों से मुलाकात हुई थी, लेकिन उन्होंने किसी बड़े राजनीतिक कदम या नए गुट के गठन को लेकर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए आगे की रणनीति तय की जाएगी।
फिलहाल पश्चिम बंगाल की राजनीति में बढ़ती गतिविधियों ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में टीएमसी के भीतर की स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है, जिस पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है।