जमशेदपुर:अबुआ खबर डेस्क : जमशेदपुर वन प्रमंडल के चाकुलिया रेंज के चाकुलिया प्रखण्ड के बड़ामारा पंचायत के चौठिया गांव के बांधडीह टोला में विगत सोमवार की सुबह हाथी के हमले से 75 वर्षीय दुलारी मुर्मू नामक वृद्धा की हुई मौत ने वन विभाग पर कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही अबुआ खबर में 2 मई को प्रकाशित खबर (वन विभाग की करोड़ों की योजनाएं नाकाम, नहीं थमा हाथियों का उपद्रव) पर भी मुहर लगा दी है, क्योंकि हाथी ने चौठिया गांव में मधुमक्खियों की लक्ष्मण रेखा में घुस कर दुलारी मुर्मू की जान ली थी। मालूम हो कि हाथियों से सुरक्षा के लिए वन विभाग ने चौठिया गांव में मधुमक्खियों के करीब तीन सौ बॉक्स लगाए थे। इन बॉक्सों में आंध्रप्रदेश से सेरेना इंडिका प्रजाति की मधुमक्खियां रखी गई थीं।
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मधुमक्खी पालन के लिए ग्रामीणों को प्रशिक्षण दिया गया था। वन विभाग के तहत इस कार्य का जिम्मा हम्बल बी संस्था को दिया गया था, परन्तु वन विभाग की लापरवाही से हाथियों से सुरक्षा के लिए उठाया गया यह नायाब तरीका सुपर फ्लॉप हो गया। हाथियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। तभी तो मधुमक्खियों के बॉक्स से करीब 20 मीटर दूर ही जंगली हाथी ने दुलारी मुर्मू को अपना निशाना बनाया और बेरहमी से मार डाला।

वन विभाग ने इस योजना को इसलिए लागू किया था, ताकि मधुमक्खियों की आवाज और डंक के डर से हाथी गांव में नहीं घुसें। ऐसा माना जाता है कि मधुमक्खियों की आवाज और उनके डंक से हाथी डरते हैं, परन्तु चौठिया गांव और उसके टोला बाधडीह में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। ऐसा इसलिए हुआ कि मधुमक्खियों के अनेक बॉक्स टूटकर जमीन में पड़े हैं। उन बॉक्सों में मधुमक्खियां भी नहीं हैं। किसी-किसी बॉक्स में मधुमक्खियों के छत्ते अवश्य पाए गए। मगर मधुमक्खियां नहीं।

ग्रामीणों ने वन विभाग की इस योजना पर सवाल खड़ा किया और कहा कि वन विभाग ने इस योजना को उचित तरीके से क्रियान्वित नहीं किया। हाथियों से सुरक्षा के नाम पर भारी-भरकम राशि खर्च की गई, परन्तु परिणाम शून्य रहा। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यह योजना उच्च स्तरीय जांच का विषय है। वन विभाग हाथियों से सुरक्षा के नाम पर करोड़ों रूपये पानी की तरह बहा रहा है। परंतु हाथियों का उपद्रव कम होने की बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है। हाथी और उग्र होते जा रहे हैं। भोजन के अभाव में गांवों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। खेतों में खड़ी धान और सब्जी की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं और वन विभाग पार्क निर्माण और पार्क निर्माण की नयी योजनाएं बनाने में व्यस्त है।