रांची। झारखंड विधानसभा में बहरागोड़ा विधायक समीर कुमार मोहंती द्वारा 108 एंबुलेंस सेवा की स्थिति पर पूछे गए सवालों के जवाब में स्वास्थ्य विभाग ने कई महत्वपूर्ण तथ्यों को स्वीकार किया है।
108 एंबुलेंस सेवा नि:शुल्क और आपातकालीन – सरकार ने स्वीकार किया
विधायक के पहले सवाल पर सरकार ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि 108 एंबुलेंस सेवा झारखंड में एक नि:शुल्क आपातकालीन सेवा है, जिसका उपयोग गंभीर बीमारियों, दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में किया जाता है।
वाहनों की खराब स्थिति और विलंब — विभाग ने माना आंशिक रूप से सही
विधायक ने पूछा था कि क्या कई एंबुलेंस वाहनों की खराबी, समय पर रिपेयर न होने और कर्मियों की कमी के कारण सेवा प्रभावित हो रही है, जिससे मरीजों को कठिनाइयाँ झेलनी पड़ती हैं।
इस पर विभाग ने आंशिक स्वीकारोक्ति दी और बताया:
राज्य में उपलब्ध 542 में से 336 एंबुलेंस 2017 से चल रही हैं, जिनकी तकनीकी आयु 5 वर्ष है।
206 एंबुलेंस 2024 तक समाप्त हो चुकी आयु के बावजूद उपयोग में हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में रेस्पॉन्स टाइम 25 मिनट और शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट तय है।
कर्मियों की कमी की समस्या को पहले भी उठाया गया था और विभाग ने उसे स्वीकार कर कार्रवाई की बात कही।
207 नई एंबुलेंस खरीद प्रक्रिया में
सरकार ने बताया कि 207 एंबुलेंस की खरीद का प्रस्ताव विभागीय स्वीकृति (फाइल संख्या 36/06) के तहत 2 अक्टूबर 2025 को भेजा गया था और प्रक्रिया जारी है।
विधायक समीर मोहंती ने उठाई थी यह चिंता
विधायक समीर कुमार मोहंती ने कहा था कि खराब एंबुलेंस, समय पर मेंटेनेंस न होना, स्टाफ की कमी और देर से पहुंचने के कारण ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में मरीज गंभीर जोखिम में पड़ जाते हैं। इस पर सरकार ने स्वीकार किया कि सुधार की आवश्यकता है।