बहरागोड़ा के विधायक समीर कुमार मोहंती ने मंगलवार को विधानसभा के शून्यकाल के दौरान राज्य सरकार का ध्यान शिक्षा व्यवस्था से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्राइवेट संस्थानों के लिए 75 प्रतिशत अनुदान बढ़ोतरी का निर्णय तो लिया गया है, लेकिन इसका लाभ फिलहाल केवल डिग्री कॉलेजों तक सीमित है, जो न्याय संगत नहीं है।
अनुदान बढ़ोतरी का लाभ सीमित — विधायक मोहंती
विधायक ने बताया कि वर्ष 2004 में विस्तारित शैक्षणिक संस्थान अधिनियम एवं नियमावली के तहत प्राइवेट मान्यता प्राप्त संस्थानों को अनुदान देने की नीति बनाई गई थी। इसके आधार पर सरकार ने हाल ही में अनुदान राशि में 75% की वृद्धि स्वीकृत की, लेकिन इंटर कॉलेजों, उच्च विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों और मदरसों को इस फैसले से बाहर रखा गया है।
सभी पात्र संस्थानों को लाभ देने की मांग
उन्होंने कहा कि राज्य के हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों वाले इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालय तथा संस्कृत–मदरसा संस्थानों को अनुदान वृद्धि से वंचित रखना असमझनीय और अन्यायपूर्ण है।
विधायक मोहंती ने सरकार से स्पष्ट रूप से मांग की कि—
“शिक्षा के हर स्तर को मजबूत बनाने के लिए सभी मान्यता प्राप्त संस्थानों को बढ़ी हुई 75% अनुदान राशि का लाभ समान रूप से दिया जाए।”
शिक्षा व्यवस्था को सशक्त करने पर जोर
उन्होंने कहा कि प्राइवेट मान्यता प्राप्त इंटर कॉलेजों और विद्यालयों को भी आर्थिक सहायता में बढ़ोतरी प्रदान करनी चाहिए। इससे संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और छात्रों को बेहतर शैक्षिक माहौल मिलेगा।