राँची। झारखंड की पूर्व कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद ने पुलिस और कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कुछ बाहरी कंपनियों के दबाव में पुलिस काम कर रही है और उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं।
अंबा प्रसाद ने कहा कि बरियातू चट्टी खदान मामले को लेकर ग्रामीण लंबे समय से कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में एक हाइवा चालक से मारपीट के बहाने पुलिस ने उनके ड्राइवर और निजी गार्ड को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उनके घर पहुँचे और स्टाफ को जबरन उठा ले गए। इसे उन्होंने डराने-धमकाने की कोशिश करार दिया।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि जिस तरह अमन साहू और सूर्या हांसदा को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया, उसी तरह उन्हें भी निशाना बनाया जा सकता है। अंबा प्रसाद ने पुलिस पर भाजपा और कंपनियों का एजेंट बनने का आरोप लगाते हुए कहा कि दबाव चाहे जितना भी बने, लेकिन वे पीछे हटने वाली नहीं हैं।
इसके साथ ही उन्होंने आंध्र प्रदेश के सांसद सीएम रमेश के भाई पर भी गंभीर आरोप लगाए। अंबा प्रसाद ने कहा कि जब उन्होंने कंपनी के खनन कार्यों का विरोध किया तो उन्हें धमकियाँ दी गईं और यहाँ तक कहा गया कि उनका राजनीतिक करियर समाप्त कर दिया जाएगा।
उन्होंने इस मामले में केरेडारी थाने में एफआईआर दर्ज कराई है और धमकी से जुड़े ऑडियो-वीडियो सबूत भी सार्वजनिक किए हैं। अंबा प्रसाद का कहना है कि झारखंड की जनता के अधिकार छीने जा रहे हैं और बाहरी कंपनियाँ यहाँ कब्जा जमाए बैठी हैं।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि चाहे जान का खतरा ही क्यों न हो, लेकिन अन्याय और लूट के खिलाफ उनकी लड़ाई लगातार जारी रहेगी।